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नई दिल्लीः भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कोसोवो की मुक्केबाज को वीजा नहीं देने से उपजे विवाद के बारे में शुक्रवार को यहां कहा कि 2021 पुरूष विश्व चैम्पियनशिप की मेजबानी अधिकार को कोई खतरा नहीं है और उम्मीद जतायी कि इससे पहले ही इस मुद्दे को सुलझा लिया जायेगा। कोसोवो की एकमात्र मुक्केबाज दोनजेता सादिकू को यहां चल रही विश्व चैम्पियनशिप में भाग नहीं ले सकी क्योंकि भारत इस देश को मान्यता नहीं देता जिससे उसे वीजा प्रदान नहीं किया गया। इसके बाद एआईबीए अध्यक्ष गाफूर राखिमोव ने शुक्रवार को वेबसाइट पर लिखे बयान में कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत सरकार ने एक एथलीट को विश्व चैम्पियनशिप में भाग नहीं लेने देने का राजनीतिक फैसला किया। भविष्य में ऐसा नहीं हो, यह सुनिश्चित करने के लिये एआईबीए उचित कार्रवाई करेगा जिसमें 2021 पुरूष विश्व मुक्केबाजी के मेजबानी अधिकार की फिर से बोली की संभावना भी शामिल है।’’          

हाल में स्पेन के साथ भी ऐसी ही घटना हुई थी
इस बारे में अजय सिंह से पूछ जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘बीएफआई और आईओए फिर से विभिन्न स्तर पर बैठक करेंगे और बतायेंगे कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। ऐसे भी कई देश हैं जो कुछ देशों को मान्यता नहीं देते, पर उन्होंने ओलंपिक खेल को इस तरह की मान्यता की प्रक्रिया से दूर रखा है। हाल में स्पेन के साथ ही ऐसी घटना हुई लेकिन उसने खेलों को इससे दूर रखा। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि उससे पहले हम यह मुद्दा सुलझा लेंगे कि ऐसा कुछ भविष्य में नहीं हो। हमने पिछले साल युवा विश्व चैम्पियनशिप आयोजित की और अब महिला विश्व चैम्पियनशिप चल रही है। भारत में खेल संस्कृति को बढावा देने के लिये इस तरह के टूर्नामेंट की मेजबानी जरूरी है। महासंघ के तौर पर हम प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर की एक प्रतियोगिता की मेजबानी करना चाहते हैं। हम फिर अगले साल इंडिया ओपन की मेजबानी करेंगे। ’’          

बीएफआई अध्यक्ष ने कहा कि वह इस मसले पर एआईबीए के रवैये का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एआईबीए खेल संस्था के रूप में निश्चित रूप से चाहेगा कि उससे जुड़ा हर महासंघ आईओसी के अंतर्गत कराये जाने वाले टूर्नामेंट में भाग ले। हम पूरी तरह से एआईबीए का समर्थन करते हैं।’’ अजय सिंह ने उम्मीद जतायी कि कोसोवो की मुक्केबाजी जैसी घटना भविष्य में नहीं हो इसके लिए भारत सरकार कोई उपाय निकाल लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘बीएफआई ने भारत सरकार को कोसोवो की मुक्केबाज के मुद्दे पर मनाने की कोशिश की और आगे भी प्रयास करता रहेगा। आईओए ने भी भारत सरकार को पत्र लिखा। लेकिन समय कम था। मुझे भरोसा है कि भारत सरकार तरीका निकाल लेगी और सुनिश्चित करेगी कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो। ’’         

उम्मीद है सरकार को समझाया जाए
अजय सिंह ने कहा, ‘‘खेलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए, जो ओलंपिक घोषणापत्र का हिस्सा है। आईओसी के सदस्य के तौर पर हमें इसका पालन करना चाहिए। हमें उम्मीद है कि हम भारत सरकार को इसके बारे में समझा सकें। ’’ एआईबीए की कार्यकारी बोर्ड की बैठक जनवरी के अंत में होगी तो उन्होंने कहा, ‘‘हम हर रोज इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘बीएफआई सिर्फ एक खेल संस्था है, लेकिन फैसला भारत सरकार का ही है। लेकिन मुझे लगता है कि समय की कमी रही। आईओसी के अनुसार खेलों को राजनीति से दूर रखना चाहिए। ’’ क्या आपने उम्मीद की थी, एआईबीए इतना कड़ा बयान देगा, इस सवाल पर अजय सिंह ने कहा, ‘‘अगर आपके एक सदस्य महासंघ को भाग नहीं लेने दिया जा रहा तो विरोध जायज है। यह विश्व में किसी भी खेल संघ के लिए चिंता की बात है। एआईबीए भारत की मुक्केबाजी का समर्थक रहा है। ’’ 

    

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