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स्पोर्ट्स डेस्क: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के विकेटकीपर बल्‍लेबाज पार्थिव पटेल इन दिनों अपने निजी जीवन में मची उथल-पुथल के बीच टीम के लिए बेहतर खेलने पर ध्यान लगा रहे हैं। वहीं पार्थिव आरसीबी की टीम के साथ बैंगलोर में हैं और मैच खेलने के लिए उन्‍हें देश के अलग-अलग शहरों का दौरा करना पड़ता है। ऐसे में आरसीबी ने मैच के बाद पार्थिव पटेल को घर जाने की अनुमति दे रखी है। खबरों के अनुसार वह हर मैच के बाद सीधे अपने पिता को देखने अस्पताल जाते हैं और फिर मैच से पहले टीम से जुड़े जाते हैं। 

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पार्थिव ने खुद एक अखबार से बातचीत के दौरान कहा, 'जब मैं खेल रहा होता हूं तब मेरे दिमाग में कुछ नहीं होता है लेकिन जैसे ही मैच पूरा होता है मेरा दिल घर को सोचने लगता है। सुबह उठते ही पापा की सेहत के बारे में पूछता हूं, डॉक्टरों से बात करता हूं। कभी कभी कुछ कड़े फैसले लेने होते हैं। मेरी मां और बीवी घर पर हैं लेकिन आखिरी फैसला लेने से पहले मुझसे ही पूछा जाता है। शुरुआती दिन काफी अहम थे- क्या कुछ दिन के लिए वेंटिलेटर बंद कर दें या कितना ऑक्सीजन दिया जाना चाहिए। ऐसे फैसले लेना काफी कठिन होता है।'

पार्थिव ने आगे बताया, 'मैच वाले दिनों में कई बार ऐसा होता है जब मेरा परिवार ऐसे फैसले लेता है और फिर मुझे बता दिया जाता है। वे नहीं चाहते हैं कि मेरा ध्यान भटकें। मानसिक रूप से काफी बोझ है लेकिन कोई क्या कर सकता है? पहले काफी बुरे ख्याल आते थे लेकिन अब परिवार ने खुद को संभाल लिया है।'

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