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न्यू चंडीगढ़ : भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज सबा करीम का मानना ​​है कि अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला यह एकमात्र टेस्ट मैच भारत को टेस्ट क्रिकेट में अपनी कमियों को दूर करने का एक कीमती मौका दे रहा है, साथ ही यह टीम के भविष्य की नींव रखने का भी काम करेगा। यह मैच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) साइकिल का हिस्सा नहीं है, फिर भी करीम को लगता है कि चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए यह मैच बहुत अहमियत रखता है क्योंकि वे कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में एक नई टेस्ट टीम तैयार करने में जुटे हैं।

करीम ने जियो हॉटस्टार से कहा, 'हां, अफगानिस्तान के खिलाफ यह टेस्ट मैच WTC साइकिल का हिस्सा नहीं है, लेकिन भारत इसे एक अहम मैच के तौर पर ही लेगा। यह उन्हें बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही क्षेत्रों में आ रही दिक्कतों को दूर करने का मौका देता है।' पूर्व खिलाड़ी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत को अपने घरेलू मैदानों पर एक बार फिर अपना दबदबा कायम करने की जरूरत है और इस मैच को उभरते हुए टैलेंट को परखने के एक मंच के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'भारत अब ऐसे मोड़ पर आ गया है, जहां उसे अपने टेस्ट क्रिकेट पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है, खासकर अपने घरेलू मैदानों पर, जहां अब उसका दबदबा पहले जैसा नहीं रहा है। मुझे लगता है कि यह टेस्ट मैच चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए नए कॉम्बिनेशन आजमाने और युवा खिलाड़ियों को परखने का एक बेहतरीन मौका है।' 

करीम ने टीम में शामिल कई होनहार युवा खिलाड़ियों का जिक्र किया और इस बात पर जोर दिया कि अगर वे इस मैच में शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो भविष्य में उनके लिए और भी बड़े मौके मिलने के दरवाज़े खुल सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, 'टीम में कुछ बेहद रोमांचक और युवा टैलेंट को चुना गया है। यहां अच्छा प्रदर्शन करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और भविष्य की सीरीज, खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली बड़ी घरेलू सीरीज के लिए उनके चुने जाने की संभावना बढ़ जाएगी। अगर आप आज भारतीय टेस्ट क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें, तो यह मैच एक शानदार मौका है। यह सिर्फ मैच जीतने की बात नहीं है बल्कि यह भविष्य के लिए एक मज़बूत टीम तैयार करने की बात है।' 

करीम ने तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का भी समर्थन किया और कहा कि मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में उन्हें गेंदबाजी की अगुवाई करने की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अब मोहम्मद सिराज के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाने का समय आ गया है। जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में गेंदबाजी की अगुवाई करने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर आ गई है। इंग्लैंड दौरे पर जिस तरह से सिराज ने गेंदबाज़ी की थी (जहां कुछ मैचों में बुमराह नहीं खेल रहे थे) उससे यह साफ जाहिर होता है कि उनमें इस अहम जिम्मेदारी को निभाने की पूरी काबिलियत मौजूद है। उसके पास गति, आक्रामकता और गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की काबिलियत है। लेकिन उसे दूसरे छोर से भी सहयोग की जरूरत होगी। यह सिराज के लिए सही समय है कि वह उभर रहे युवा तेज गेंदबाजों को न केवल मार्गदर्शन दे, बल्कि उन्हें प्रेरित भी करे।'