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नयी दिल्ली : भारत के छह पुरुष मुक्केबाजों को चोटिल होने के कारण बुल्गारिया के सोफिया में 19 फरवरी से शुरू होने वाले स्ट्रेंड्जा मेमोरियल टूर्नामेंट से बाहर होने के लिए बाध्य होना पड़ा। खेल मंत्रालय ने यूरोपीय सर्किट के इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में भारतीय टीम के हिस्सा लेने के लिए कोष को स्वीकृति दे दी है। ट्रेनिंग के दौरान मामूली चोटों के कारण गोविंद (48 किग्रा), अंकित (51 किग्रा), राजपिंदर सिंह (54kg), दलवीर सिंह (63.5 किग्रा), रोहित टोकस (71 किग्रा) और गौरव चौहान (92 किग्रा) का नाम टूर्नामेंट से वापस ले लिया गया है।

भारतीय पुरुष टीम में अब सिर्फ सात मुक्केबाज शामिल हैं जिसमें से अधिक राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पदक विजेता हैं।एशियाई चैंपियन पूजा रानी (81 किग्रा) और सोनिया लाठेर (57 किग्रा) के हटने के बाद भारत की महिला टीम में 10 सदस्य हैं। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने कहा- ट्रेनिंग के दौरान चोट लगती रहती हैं। कुछ खिलाड़ी खेलना चाहते थे लेकिन यह उनके सर्वश्रेष्ठ हित में था कि वे पूरी तरह उबर जाएं क्योंकि इस साल राष्ट्रमंडल और एशियाई खेल जैसे बड़े टूर्नामेंट होने हैं। इस बीच भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने कहा कि सरकार टूर्नामेंट में टीम के हिस्सा लेने का खर्चा उठाएगी।

साइ ने कहा- सरकारी खर्चे पर महिला टीम के लिए पांच सहयोगी स्टाफ और पुरुष टीम के लिए चार सहयोगी स्टाफ को भी यात्रा की स्वीकृति दी गई है। भारतीय टीम के लिए तैयारी के लिहाज से यह टूर्नामेंट अहम होगा जिसे इस साल मई में विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेना है।स्ट्रेंड्जा टूर्नामेंट के पिछले सत्र में भारत ने दीपक कुमार के रजत और नवीन बूरा के कांस्य पदक के रूप में दो पदक जीते थे। कोई महिला मुक्केबाज हालांकि पदक नहीं जीत पाई थी। भारतीय टीम को सोफिया के लिए शुक्रवार तड़के रवाना होना है।

ठंड कम होने और कोविड-19 के नए मामले घटने के कारण छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकोम कुछ दिन पहले मणिपुर से दिल्ली लौट आई और यहां ट्रेनिंग बहाल की। ठंड अधिक होने और शहर में कोविड-19 मामले बढ़ने के कारण वह पिछले महीने मणिपुर चली गई थी। मैरीकोम स्ट्रेंड्जा मेमोरियल के लिए टीम का हिस्सा नहीं हैं और अगले महीने होने वाले विश्व चैंपियनशिप के ट्रायल के लिए तैयारी की रही हैं।

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