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स्पोर्ट्स डेस्कः क्रिकेट जितना अधिक अनिश्चितताओं से भरा खेल है, उससे कहीं ज्यादा इससे आंखें नम कर देने वाली घटनाएं भी जुड़ी हैं। बल्लेबाजों के लिए क्रीज पर गेंदबाजों की तेज रफ्तार का सामना करना किसी बड़ी चुनाैती से कम नहीं रहता। इस खेल ने कइयों की जिंदगी निखारी तो कइयों की छीनी भी है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे 5 क्रिकेटरों के बारे में जो मैदान पर आए, क्रिकेट खेला, लेकिन फिर वापस नहीं लाैट पाए। 

रमन लांबा (भारत)

इस भारतीय क्रिकेटर का निधन 1998 में क्लब मैच के दौरान ढाका में फील्डिंग करते हुए हुआ था। अबाहानी के कप्तान खालिद मसूद ने लांबा को शॉर्ट लेग पर लगाया था। ओवर की तीन गेंद बची थी और कप्तान ने लांबा से हेल्मेट पहनने के लिए कहा, लेकिन लांबा ने यह कहते हुए हेल्मेट पहनने से मना कर दिया कि ओवर में तीन ही गेंदें बची हैं। गेंदबाज सैफुल्लाह खान ने गेंद डाली जो शॉर्ट थी और बल्लेबाज मेहराब हुसैन ने उस पर तगड़ा शॉट लगाया। गेंद पास खड़े लांबा के सिर पर लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां वह तीन दिन तक बेहोश रहे और 23 फरवरी को ढाका के पोस्ट ग्रैजुएट अस्पताल में उनकी मौत हो गई। 
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फिलिप ह्यूज (ऑस्ट्रेलिया)

ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज फिलिप ह्यूज की मौत हर क्रिकेट फैन्स के जेहन में ताजा होगी। इस खिलाड़ी का मैदान में गेंद लगने से निधन होने के बाद पूरा क्रिकेट जगत स्तब्ध रह गया था। 30 नवंबर, 1988 को ऑस्ट्रेलिया में जन्म लेने वाले फिलिप ह्यूज को 27 नवंबर, 2014 को दुनिया से विदा होना पड़ा। 25 नवंबर, 2014 को ऑस्ट्रेलिया की घरेलू शेफील्ड शील्ड के दौरान फिल ह्यूज के पीछे तेज बाउंसर लग गई। इस चोट के बाद वो तुरंत ही नीचे गिर पड़े। उन्हें अस्पताल तो ले जाया गया, लेकिन 27 नवंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया।
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जुल्फिकार भट्टी (पाकिस्तान)

पाकिस्तान के एक और क्रिकेटर रहे हैं, जिनको मैदान में खेलने के दौरान अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। वो हैं जुल्फिकार भट्टी। पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेटर रहे जुल्फिकार भट्टी का एक घरेलू टूर्नामेंट के दौरान सीने पर गेंद लग जाने से निधन हुआ। गेंद लगने के बाद जुल्फिकार वहीं गिर पड़े। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। महज 22 साल की उम्र में भट्टी ने दुनिया को अलविदा कह दिया।
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जॉर्ज समर्स (इंग्लैंड)

समर्स एक ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने बस प्रथम श्रेणी क्रिकेट ही खेले थे। वह नॉटिंघमशायर के खिलाड़ी थे। 1870 में लॉर्ड्स पर एमसीसी के खिलाफ खेलते हुए उन्हे तेज गेंदबाज जॉन प्लैट्स की बॉल सिर पर लगी। हालांकि उस समय वे ठीक हो गए, जिस कारण उन्हे हॉस्पिटल नहीं ले जाया गया, लेकिन बाद में यह निर्णय गलत साबित हुआ, क्योंकि चार दिन बाद ही उनकी मृत्यु हो गई।
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अब्दुल अजीज (पाकिस्तान)

अजीज ने कराची के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैच खेले। वो विकेटकीपर-बल्लेबाज़ थे। कायद-ए-आजम फ़ाइनल में खेलते हुए उन्हे ऑफ-स्पिनर दिलद्वार अवान की बॉल दिल के पास लगी। उस समय तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन अगली गेंद खेलते वक्त वो नीचे गिर गए और फिर कभी नहीं उठे। उन्हे हॉस्पिटल में मृत घोषित किया गया।
abdul aziz


 

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