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जालन्धर : एशियन गेम्स में आखिरकार एक बार फिर पंजाब के खिलाड़ी फिसड्डी साबित हुए। 2.77 करोड़ आबादी वाले पंजाब से इसबार कुल 56 खिलाड़ी एशियन गेम्स में भाग लेने गए थे। जिनमें से सिर्फ एक यानी कि मोगा का तेजिंदरपाल सिंह तूर (शॉटपुट) ही गोल्ड मैडल ला पाया। वहीं, हमारे पड़ोसी राज्य हरियाणा से सबसे ज्यादा 77 खिलाड़ी गए थे। ज्यादातर मैडल भी उनके ही हिस्से आए। पंजाब से हॉकी और कबड्डी में जरूर मैडल आए लेकिन इन खेलों में पंजाब लंबे अर्से से सर्वोसर्वा है ऐसे में बाकी गेम्स कहीं पीछे छूट रही हैं।

इन राज्यों से भेजे गए इतने खिलाड़ी
पंजाब
77
आबादी 2.5 करोड़
हरियाणा 56
आबादी 2.77 करोड
हिमाचल 11
70 लाख
चंडीगढ़ 9
10 लाख
उत्तराखंड 3
1.1 करोड़
जम्मू कश्मीर 2
25 करोड़

पंजाब की ओर से नहीं खेल रहे खिलाड़ी

पंजाब को सबसे बड़ा घाटा पंजाब के होकर भी दूसरे राज्यों से खेल रहे खिलाडिय़ों के कारण पड़ रहा है। शूटर हिना सिद्धू जोकि ब्रॉन्ज मैडल जीती थी, जन्मी तो लुधियाना में हैं लेकिन वह खेलती महाराष्ट्र की ओर से हैं। इसी तरह अमृतसर के रहने वाले अरपिंदर सिंह जोकि ट्रिपल जंप में गोल्ड मैडल विजेता है, भी इस बार हरियाणा की ओर से खेले। खिलाडिय़ों की इस रुसवाई का सबसे बड़ा कारण पंजाब सरकार द्वारा खिलाडिय़ों को आर्थिक तौर पर खुशहाल न करना सामने आ रहा है।

पंजाब सरकार विजेता को देती है 26 लाख

एशियन गेम्स 
गोल्ड पर 26 लाख
सिल्वर पर 16 लाख
ब्रॉन्ज पर 11 लाख

कॉमनवैल्थ
गोल्ड पर 16 लाख
सिल्वर पर : 11 लाख
ब्रॉन्ज पर 06 लाख

ओलिम्पिक
गोल्ड पर 2.25 करोड़
सिल्वर पर 1.1 करोड़
ब्रॉन्ज पर 51 लाख

वहीं अगर खिलाड़ी हरियाणा की तरफ से खेले तो 
एशियन गेम्स 

गोल्ड पर 3 करोड़
सिल्वर पर 1.5 करोड़
ब्रॉन्ज पर 75 लाख

कॉमनवैल्थ
गोल्ड पर 1.5 करोड़
सिल्वर पर 75 लाख
ब्रॉन्ज पर 50 लाख

ओलिम्पिक
गोल्ड पर 6 करोड़
सिल्वर पर 4 करोड़
ब्रॉन्ज पर 2.5 करोड़

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