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बीजिंग: विश्व के चौथे नंबर के खिलाड़ी स्पेन के राफेल नडाल ने अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ के मैचों को छोटा करके उसे टीवी दर्शकों में अधिक लोकप्रिय करने की संभावित योजना पर नाखुशी जताई है। नडाल ने वैश्विक संस्था की इस योजना को खेल भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि जिस तरह के मैच टेनिस में खेले जाते हैं और जो मैच इस खेल इतिहास का हिस्सा रहे हैं वे सभी कुछ लंबे रहे हैं। वह रोमांचक मैच रहे हैं। महिला टेनिस प्रमुख स्टीव साइमन ने गत सप्ताह इस बात के संकेत दिए थे कि महिला टेनिस संघ(डब्ल्यूटीए) भविष्य में सुपर टाइब्रेकर को लागू करने पर विचार कर रहा है जबकि एकल में उसकी योजना अतिरिक्त स्कोर को हटाने की है। नए नियमों को लागू करने से मैचों का समय कम हो जाएगा और यह छोटे हो जाएंगे जिससे टीवी प्रसारकों को फायदा होगा।

30 वर्षीय स्पेनिश खिलाड़ी ने कहा कि यदि आप खेल की भावना को ही बदलना चाहते हैं तो ठीक है। लेकिन मेरे हिसाब से टेनिस के अपने सिद्धांत होते हैं और हम सभी को उसका पालन करना चाहिए। डब्ल्यूटीए प्रमुख साइमन ने दलील दी थी कि नए नियम टेनिस में लागू करना जरूरी है क्योंकि इससे टीवी पर इनका प्रसारण आसान हो जाएगा और दर्शकों की संख्या बढ़ेगी लेकिन नडाल ने कहा कि सभी खेलों में बदलाव की जरूरत होती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसकी भावना को ही बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता यह तरीका ठीक है। मैच को अच्छा बनाने और लोगों को इससे जोडऩे के लिये इसमें अलग बदलाव होने चाहिए।