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नई दिल्लीः गीता में विस्तृत रूप से पेश जीवन और मृत्यु के रहस्य, भारत के खूबसूरत स्थान, लोगों का स्वागत करने का तरीका और योग से कजाखस्तान की शीर्ष टेनिस खिलाड़ी यारोस्लाव श्वेदोवा काफी प्रभावित हैं। श्वेदोवा ने अपना पहला डब्ल्यूटीए महिला एकल खिताब भारत में ही बेंगलुरू में 2007 में जीता था। इस बार वह कजाखस्तान की फेड कप टीम के साथ यहां आई हैं लेकिन टखने की चोट के कारण खेल नहीं पा रही हैं।         

दिलचस्पी जागने के बाद खरीदीं धार्मिक किताबें
श्वेदोवा ने अभी गीता के संदेश को पूरी तरह नहीं समझा है लेकिन उन्हें यकीन है कि जीवन को लेकर भारतीय तत्वज्ञान सबसे अलग है और अन्य धार्मिक सामग्रियों से अधिक समृद्ध है। दो ग्रैंडस्लैम और 13 डब्यूटीए खिताब जीत चुकी श्वेदोवा ने कहा, ‘‘कुछ साल पहले मैंने योग शुरू किया और इस साल स्वदेश में अस्ताना में जीवन को लेकर सेमिनार था। एक व्यक्ति था, वह धर्म के बारे में विस्तार से बता रहा था। मेरी दिलचस्पी जागी और कुछ किताबें खरीदी।’’     

हिंदू धर्म मानवता के करीब
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए आपका धर्म मानवता के करीब है। यह जीवन के बारे में सब कुछ विस्तार से बताता है, बाइबल या कुरान की तरह नहीं। मुझे यह सीखने की उम्मीद है।’’ श्वेदोवा ने भारत पर कजाखस्तान की 2-1 की जीत के बाद समय निकाला। उन्होंने कहा, ‘‘यह किताब (गीता) काफी दिलचस्प है, यह युद्ध (महाभारत) के जरिये बताती है। मेरी लिए अभी यह नाया है, शायद अगली बार आप मुझे बेहतर देखोगे।’’