नई दिल्ली: एक बाउंसर गेंद कितनी घातक हो सकती है उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज फिल ह्यूज की मौत सिर में एक बाउंसर लगने की वजह से हुई थी। फिलिफ ऑस्ट्रेलिया के ही तेज गेंदबाज शॉन एबट की बाउंसर से चोटिल होकर मैदान पर गिरे और फिर कभी नहीं उठ पाए

बाउंसर की रफ्तार अगर 150 किमी प्रति घंटे से ज्यादा हो तो बल्लेबाज कोई भी हो खेलना मुश्किल हो जाता है। वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने शोएब अख्तर की आंधी की रफ्तार वाली बाउंसर झेली और मैदान पर किसी कटे पेड़ की तरह गिर पड़े। इसकी शायद ही लारा ने कभी कल्पना की होगी।

वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज मैल्कम मार्शल अपनी जबड़ा तोडऩे वाली बाउंसर के लिए जाने जाते थे। मार्शल 1984 में पहले टेस्ट के दौरान इंग्लैंड के एंडी लॉयड को एक बाउंसर डाली थी जो उनके सिर पर लगी थी और लॉयड जमीन पर गिर पड़े। अगले कुछ दिनों तक लॉयड अस्पताल में रहे।

अपनी सटीक लाइन लेंथ के लिए मशहूर रहे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा ने 1993 में साउथ अफ्रीकी बैट्समैन पीटर कस्र्टन को एक बाउंसर फेंकी थी जिसको खेलने वो नाकाम रहे है और गेंद सीधा उनके चेहरे के अगले हिस्से में लगी और वो बेहोस होकर मैदान में ही गिर पड़े।

वेस्टइंडीज टेस्ट टीम की रीढ़ रहे शिवनारायण चन्द्रपॉल ने दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों में एक ब्रेट ली की बाउंसर सिर पर झेली इसके बाद वो मैदान में कुछ इस तरह गिरे जिसे देखकर हर क्रिकेट प्रेमी की सांसें थम गई।

दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज रहे शोएब अख्तर ने ना सिर्फ अपनी पेस से बल्लेबाजों का दिल दहलाया बल्कि अपनी जबड़ा तोडऩे वाली बाउंसर से भी बहुत से बल्लेबाजों का हौसला पस्त किया। 2003 में अख्तर की एक बाउंसर साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज गैरी कस्र्टन को लगी जिसके बाद कस्र्टन कभी क्रिकेट नहीं खेल सके।