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नई दिल्ली: भारत ताजा फीफा रैंकिंग में पिछले 21 वर्षों में अपनी सर्वश्रेष्ठ 96 वीं रैंकिंग पर पहुंच गया है लेकिन मुख्य कोच स्टीफन कोंस्टेनटाइन का कहना है कि भले ही मेरी फुटबॉल टीम इस रैंकिंग पर पहुंची हो लेकिन मैन इससे संतोष नहीं कर सकता। 

कोंस्टेनटाइन ने दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यह सब कुछ टीम वर्क से हासिल हुआ है। उन्होंने कहा ‘‘मैं संतुष्ट नहीं हो सकता। हमेशा आपके सामने अगला मैच होता है जो आपके दिमाग में घूमता रहता है। कोच के रूप में आपके पास चीजों को आनंद उठाने का मौका नहीं होता। यही जीवन होता है क्योंकि आप हमेशा बेहतर करने की कोशिश करते हैं।’’ कोच ने कहा कि हाल की रैंकिंग और परिणाम लोगों के लिए उत्साहजनक हो सकते हैं लेकिन आप इनसे अति उत्साह में नहीं आ सकते। 

यह पूछने पर कि आपके हाथ में जादू की छड़ी है कोच ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि जादू जैसी कोई चीज है। यह मेरे काम के प्रति और खिलाडिय़ों के प्रति सम्मान है। एक राष्ट्रीय टीम को आगे बढ़ाने के लिए यह सब कुछ जरूरी है। उन्होंने श्रेय लेने से इंकार करते हुए कहा कि एक फुटबॉल टीम किसी एक व्यक्ति को लेकर नहीं है। यदि टीम अच्छा नहीं करती है तो मैं जिम्मेदारी लेता हूं और जब टीम अच्छा करती है तो हम सराहना को साझा करते हैं। यही जीवन है।