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नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने शुक्रवार को खिलाड़ियों की बेतहाशा वेतन वृद्धि की खबरों पर स्पष्ट किया कि फिलहाल इसे लेकर बातचीत जारी है और यह सकारात्मक दिशा में है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड तथा प्रशासकों की समिति (सीओए) ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों के मौजूदा वेतन ढांचे में बदलाव करते हुए उनके वेतन बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत घरेलू क्रिकेटरों के वेतन में भी बढ़ोतरी तय थी। हालांकि बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष खन्ना ने इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया है। 

उन्होंने कहा, इस मामले पर अभी बातचीत चल रही है जो सकारात्मक दिशा में है, लेकिन कुछ भी अंतिम चरण तक नहीं पहुंचा है। हमने किसी भी प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगाई है और न ही कुछ सुनिश्चित हुआ है। हम इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिये आगे भी बैठक करने पर विचार कर रहे हैं।

खन्ना ने साथ ही कहा कि भारतीय घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ही नहीं बल्कि सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों का वेतन भी बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों से जुड़े वेतन प्रस्ताव पर बोर्ड के कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी काम कर रहे हैं और इस पर विशेष आम बैठक(एसजीएम)में चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि ऐसी खबरें थी कि भारतीय टीम के खिलाड़ियों के वेतन में जबरदस्त वृद्धि होने वाली है जिससे खिलाड़ियों के मौजूदा वेतन में 100 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी को 10 करोड़ रूपए तक सालाना मिलेंगे। फिलहाल वेतन फार्मूले के तहत ग्रेड ए के खिलाड़ियों को सालाना दो करोड़ रूपए, ग्रेड बी के खिलाड़ियों को एक करोड़ और ग्रेड सी के खिलाड़ियों को 50 लाख रूपए मिलते हैं। समझा जाता है कि बीसीसीआई वेतन के मौजूदा 180 करोड़ रूपए के कैप को बढ़ाकर 200 करोड़ रूपए तक करने पर विचार कर रहा है जिससे सभी के वेतन में बढ़ोतरी संभव होगी।