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नई दिल्ली: सोमदेव देववर्मन के मार्गदर्शन में जल्दी ही डीएलटीए पर एक सेंटर आफ एक्सीलैंस बनाया जाएगा जो उदीयमान टेनिस खिलाड़ियों को कोचिंग मुहैया करायेगा लेकिन इससे यहां चार दशक से चल रहे जमीनी स्तर के कार्यक्रम का भविष्य खटाई में पड़ गया है। 

अकादमी के लिए कोचों, खेल मनोवैज्ञानिकों और फिजियो की तलाश शुरू हो गई है । भारत के पूर्व नंबर एक एकल खिलाड़ी सोमदेव के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय टेनिस संघ ने इस अकादमी के सिलसिले में व्यापक योजना खेल मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजी है। समझा जाता है कि इसमें विविध आयुवर्ग में कोचिंग का प्रावधान है और विदेशी कोच की नियुक्ति भी की जाएगी। अकादमी में करीब 300 बच्चे प्रशिक्षण लेंगे । केंद्र को इसके लिये सालाना कम से कम 20 करोड़ रूपए के बजट की जरूरत होगी ।   

एआईटीए महासचिव हिरण्यमय चटर्जी ने कहा कि सोमदेव से बेहतर इस योजना के लिये कौन हो सकता है । वह राष्ट्रमंडल और एशियाई खेल चैम्पियन है। इससे हालांकि दिल्ली लान टेनिस संघ के जूनियर कोचिंग कार्यक्रम का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा जिसमें करीब 20 कोच पिछले 20 साल से काम कर रहे हैं। इस बारे में पूछने पर चटर्जी ने कहा कि समय आने पर इस पर बात की जाएगी।