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नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को आखिर क्यों क्रिकेट का भगवान कहना उचित है, इसका अंदाजा उनके द्वारा दिए गए एक बयान से पता चलता है। सचिन ने बताया कि क्रिकेट ही उनका पहला प्यार था। उन्होंने आगे कहा कि क्रिकेट का बुखार उन पर इतना था कि वह बिना कुछ खाए पीए सीधा मैदान में खेलना चले जाते थे। 

नहीं समझते थे पोषक आहार की अहमियत
सचिन का कहना है कि जब उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत की थी, तब वह पोषक आहार की अहमियत नहीं समझते थे। उन्होंने कहा कि अच्छे पोषण की कमी के कारण एक मैच में नहीं खेल पाने के बाद ही उन्हें समझ में आया कि यह कितना जरूरी है। सचिन ने कहा, ‘‘शुरुआती दिनों में जब मैने क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तब मैं पोषक आहार के महत्व को नहीं जानता था। मैं नहीं जानता था कि एक संपूर्ण और पोषक आहार क्या होता है। इस बारे में मुझे उस समय ज्यादा जानकारी नहीं थी।’’ 

पोषण की कमी के कारण नहीं खेल पाए मैच
उन्होंने कहा कि एक दिन वह मैच खेलने जा रहे थे लेकिन पोषण की कमी होने के बाद वह मैदान में ठीक से क्रिकेट नहीं खेल सके। जिसके बाद उन्होंने तभी फैसला कर लिया कि वह ऐसा दोबारा नहीं होने दूंगे। सचिन क्वेकर नामक ब्रांड के लिए एक नए टीवी विज्ञापन में नजर आएंगे। इस विज्ञापन में वह दिन की शुरुआत एक अच्छी डाइट के साथ करने की सलाह देते हुए दिखेंगे। सचिन का कहना है कि, ‘‘इस नई मुहिम से मुझे उम्मीद है कि मैं देश के युवाओं को यह संदेश दे पाऊंगा कि दिन की शुरुआत अच्छी डाइट के साथ करनी जरूरी है ताकि सफलता की ओर आप हर दिन आगे बढ़ते रहें।’’