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नई दिल्ली: खेल एवं युवा मामलों के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भारतीय खेल प्राधिकरण ‘साइ’  का नाम बदलने की ओर इशारा करते हुए आज कहा कि मौजूदा दौर में खेलों में ‘प्राधिकरण’ शब्द का कोई औचित्य नहीं। राठौड़ ने साइ में बदलाव की ओर इशारा करते हुए ट््वीट किया, ‘‘बेहतर सेवाएं देने के लिए ‘भारतीय खेल प्राधिकरण’ में आज के दौर में ‘प्राधिकरण’ का कोई मतलब नहीं है, इसएि भारतीय खेलों और साइ में बदलाव किया जायेगा।’’ 

उन्होंने देश के उन खिलाडिय़ों को मदद का भी भरोसा दिया जो अपनी जीविका चलाने के लिये संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने एक अन्य ट््वीट में लिखा, ‘‘यह काफी दुखद है कि खेलों के हमारे नायकों को उनका सर्वश्रेष्ठ समय गुजरने के बाद जीविका चलाने के लिये भी संघर्ष करना पड़ता है। हमारे खिलाडिय़ों की मदद के बारे में आप क्या सोचते हैं हमें लिखे।’’  उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय खिलाडिय़ों को सम्मान और सुविधा देने के अपने लक्ष्य से नहीं भटकेगा।

यहां के जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम में बीएसएफ हाफ मैराथन में पहुंचे राठौड़ ने कहा, ‘‘हमारा मंत्र है ‘सम्मान और सुविधा’, जिसमें खिलाडिय़ों, कोचों और प्रशंसकों को सबसे ऊपर रखा जाता है। खेल संस्थाओं का काम भी दिखना चाहिए।’’ पिछले महीने खेल मंत्री बनने वाले राठौड़ ने 2004 एथेंस ओलंपिक में निशानेबाजी में रजत पदक जीता है।