नई दिल्ली: रांची में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे चौथे वनडे मैच के दौरान एक ऐसा वाक्य देखने को मिला जिसने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है, कि विकेट के पीछे टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बेहतर और कोई नहीं है। 

विकेट के पीछे दिखा धोनी का जादू
दरअसल, पारी के 46वें ओवर में उमेश यादव गेंदबाजी करने आए। उस समय स्‍ट्राइक रॉस टेलर के पास थी। उन्‍होंने लेग साइड पर गेंद फ्लिक कर दो रन लेने चाहे। गेंद धवल कुलकर्णी के हाथों में गई। धोनी तब तक भागते हुए विकेट्स के करीब पहुंच चुके थे, मगर उनकी नजरें कुलकर्णी के थ्रो पर थीं। जब थ्रो उनके पास पहुंचा तो वह विकेट से करीब दो मीटर दूर खड़े थे। धोनी ने बिना देखे ही विकेट्स पर गेंद मार दी। रन-आउट की अपील हुई और मामला थर्ड अंपायर के पास पहुंचा। री-प्‍ले से साफ था कि गेंद विकेट से पहले टकराई और टेलर ने बाद में क्रीज पार की। जिस अंदाज में धोनी ने गेंद को विकेट मारा इसे देखे फिल्ड में सब हैरान रह गए। धोनी की जगह अगर कोई दूसरा विकेटकीपर होता यकिनन टेलर दो रन पूरा कर लेते। टेलर भी अंपायर के फैसले के बाद धोनी की चतुराई और निशाने पर मुस्‍कुराते नजर आए। 
 


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