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मोहाली:  भारत दौरे पर एकमात्र जीत से उत्साहित न्यूजीलैंड की टीम तीसरे वनडे में बढ़त बनाने के इरादे से उतरेगी तो उसे इस लक्ष्य में मोहाली की पिच से भी भरपूर मदद मिलने की उम्मीद है, यानि कि इस मैच में भी धोनी मुश्किलों बढ़ती नजर आ रही हैं। 

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर पहुंच गई है और आईएस बिंद्रा पीसीए स्टेडियम की पिच पर रविवार को खेले जाने वाले तीसरे मैच में मेहमान टीम को फायदा मिल सकता है क्योंकि यहां उपमहाद्वीप के बाहर की टीमों का रिकार्ड बेहतर रहा है।  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) की ग्राउंड्स एवं पिच समिति के अध्यक्ष और पीसीए स्टेडियम के क्यूरेटर दलजीत सिंह ने बताया कि इस पिच पर उपमहाद्वीप की टीमों को काफी फायदा मिलता है। वैसे यदि इस पिच पर विदेशी टीमों के रिकार्ड को देखें तो आस्ट्रेलिया यहां सबसे सफल रही है जिसने 6 मैचों में यहां 5 जीते हैं।  

दलजीत ने साथ ही बताया कि यह पिच नयी नहीं है और सितंबर में यहां जेपी आत्रे मेमोरियल टूर्नामैंट खेला गया थ। उन्होंने कहा कि हम यहां आखिरी समय की तैयारियों में जुटे हैं और यह सितंबर में जेपी आत्रे मेमोरियल टूर्नामैंट में भी इस्तेमाल हो चुकी है इसलिए यह नई पिच नहीं है। हमें उम्मीद है कि वनडे के लिहाज से यह अच्छी पिच साबित होगी।

क्यूरेटर ने कहा कि बिल्कुल नयी पिचों पर इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित नहीं होने चाहिए। यह एक अहम नियम होता है। हमने यहां पर केवल वनडे पिच ही खेले हैं और यह 4 दिवसीय या टैस्ट प्रारूप के लिए तैयार पिचों से अलग होगी। हमें भरोसा है कि यह पिच भारत-न्यूजीलैंड मैच में अच्छा प्रदर्शन करेगी।

आमतौर पर मेजबान टीम के कोच और कप्तानों की पसंद से पिच तैयार की जाती रही है लेकिन दलजीत ने कहा कि उन्होंने इस बारे में किसी से बात नहीं की है। उन्होंने कहा कि  मेरा काम कोचों या कप्तान से बात करना नहीं है। वह अपना काम करेंगे और मैं अपना। हम हर मैच को लेकर या पिच को लेकर कोई बात नहीं करते।