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लंदन: भारतीय भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा नहीं जानते कि गलती कहां हुई लेकिन वह अपनी उन ‘कमियों’ को सही करके मजबूत वापसी करना चाहते हैं जिनकी वजह से वह यहां विश्व चैम्पियनशिप में शुरू में ही बाहर हो गए।   

उन्नीस वर्षीय नीरज मौजूदा विश्व जूनियर रिकार्डधारी हैं, उन पर पूरे देश की उम्मीदें लगी थी लेकिन वह फाइनल दौर में पहुंचने में असफल रहे। वह 83 मीटर का ‘आटोमेटिक क्वालीफिकेशन मार्क’ तक भी भाला नहीं फेंक सके। लेकिन हमवतन देविंदर सिंह कांग कट में जगह बनाने में कामयाब रहे और वह विश्व चैम्पियनशिप की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल दौर के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बने।   

नीरज ने कहा कि मेरे थ्रो में निश्चित रूप से किसी चीज की कमी थी, इसमें कोई शक नहीं है। मैं नहीं जानता कि यह कुछ तकनीकी मुद्दा है या कुछ और चीज है। मुझे इसे पहचानना होगा और इसमें सुधार करना होगा ताकि मैं मजबूत वापसी कर सकूं।  उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा करने के लिए कुछ समय चाहिए ताकि मेरी तकनीक में सुधार कर सकूं। मैं पिछले 4-5 महीनों से लगातार टूर्नामैंटों में हिस्सा ले रहा हूं। अब मैं खुद को भविष्य के टूर्नामैंट के लिए तैयार करने के लिए कुछ समय चाहता हूं ताकि कुछ ट्रेनिंग कर सकूं। मैं नए कोच का इंतजार कर रहा हूं।