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नई दिल्ली: अपने चमकदार करियर में एमसी मेरीकोम को कई बार विषम परिस्थितियों से जूझना पड़ा और उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम को भी कभी हार नहीं मानने का संदेश दिया जो लंदन में 2018 में होने वाले विश्व कप के लिये क्वालीफाई करने के अपने अभियान की शुरूआत करने वाली है। पांच बार की विश्व चैंपिपयन और लंदन आेलंपिक की कांस्य पदक विजेता मेरीकोम ने आठ से 23 जुलाई के बीच जोहानिसबर्ग में होने वाले एफआईएच हाकी विश्व लीग सेमीफाइनल की तैयारियों में लगी भारतीय महिला हाकी टीम के साथ कल कुछ समय बिताया।   

भारतीय महिला हाकी टीम के मुख्य कोच मगये शूअर्ड ने कहा कि हम इस प्रतियोगिता के लिये खुद को तैयार करने के लिये कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यहां तक कि कल हमारा मेरीकोम के साथ लंबा प्रेरणादायी सत्र रहा। यह लड़कियों के लिये हैरानी भरा था लेकिन उन्होंने इसे काफी पसंद किया। भारतीय महिला टीम को विश्व में तीसरे नंबर के अर्जेंटीना, विश्व में छठे नंबर के अमेरिका, मेजबान दक्षिण अफ्रीका और चिली के साथ पूल बी में रखा गया है। भारत को विश्व कप के लिये क्वालीफाई करने के लिये शीर्ष पांच में जगह बनानी होगी। कोच को यह अच्छा लगा कि मेरीकोम लड़कियों से मिली और उन्हें अपनी कहानी से प्रेरित किया।   

उन्होंने कहा कि मेरी ने सत्र के दौरान लड़कियों को अपनी कहानी बतायी। उन्होंने उन सभी कठिनाइयों को जिक्र किया जिनका उन्होंने सामना किया। उन्होंने बताया कि मानसिक तैयारियां कैसे महत्वपूर्ण होती हैं। यह वास्तव में प्रेरणादायी सत्र रहा। शूअर्ड ने कहा कि भारतीय टीम अभी अच्छी स्थिति में है और सकारात्मक परिणाम हासिल करने के लिये आश्वस्त है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विश्व कप के लिये क्वालीफाई करना है। हमारे पूल में अर्जेंटीना और अमेरिका दो अधिक रैंकिंग वाली टीम हैं लेकिन हम अपनी प्रतिद्वंद्वी टीमों को लेकर परेशान नहीं हैं। हम केवल अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं।