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 नई दिल्ली: भारतीय वनडे क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और रिति स्पोट्र्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को जिनीवा स्थित डब्ल्यूआईपीआे मीडिएशन एंड आर्बिटरेशन सेंटर से राहत मिली जिसने एक साइबर स्क्वेटर को उनके डोमेन नाम डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट एमएसधोनी डाटकाम के इस्तेमाल से रोक दिया। 

 विवादित डोमेन नाम एमएसधोनी डाटकाम का पंजीयन 31 अक्तूबर 2005 को वाइल्ड वेस्ट डोमेंस में किया गया था और एलएलसी तथा अमेरिका के डेविड हानले फरवरी 2014 से इसके पंजीयक हैं। धोनी और रिति स्पोट्र्स की आेर से स्क्रीबोर्ड द्वारा 19 अगस्त 2016 को शिकायत दर्ज की गई। इसके बाद प्रतिवादी ने 1500 अमेरिकी डालर में डोमेन नाम बेचने की पेशकश की।  

स्क्रीबोर्ड ने दलील दी कि चूंकि विवादित डोमेन नाम एम एस धोनी ट्रेडमार्क से मिलता है और प्रतिवादी को इसके इस्तेमाल का कोई अधिकार नहीं है। इसमें यह भी कहा गया कि प्रतिवादी ने विवादित डोमेन नाम का इस्तेमाल दुर्भावना से किया है और एम एस धोनी ट्रेडमार्क का इस्तेमाल प्रायोजित या क्लिक वाली लिंक के जरिये विज्ञापन राजस्व बनाने के लिए किया गया।