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मिर्जापुर: रियो ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाली महिला पहलवान साक्षी मलिक ने कहा है कि देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन विदेशी खिलाडिय़ों के मुकाबले भारत में बहुत ही कम सुविधायें मिलती हैं इसलिए देश के खिलाड़ी पदक जीतने में पीछे रह जाते हैं।   

साक्षी मलिक आज यहां कछवां में सत्यनारायण सिंह खेल संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय दंगल प्रतियोगिता का उद्घाटन करने आयी थीं। साक्षी ने कहा, मैं पिछले ओलम्पिक में कांस्य पदक ही जीत सकी हूॅं पर अगले ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने का प्रयास करूंगी। लड़कों और लड़कियों के बीच समाज में विभेद की चर्चा करते हुए साक्षी ने कहा कि लड़कियां किसी भी मामले में लड़कों से कम नहीं हैं। साक्षी ने अभिभावकों से कहा कि लड़का और लड़की में भेदभाव का बर्ताव न करें। उन्हें तराशने में अपना सहयोग दें। खेल संस्थान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि खेल संस्थानों की प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। आज देश में खेल संस्थाओं की बहुत आवश्यकता हैं।   

इससे पूर्व साक्षी के यहां पहुंचने पर गाजे-बाजे द्वारा उनका स्वागत किया गया। उनके स्वागत में पूरा कस्बा उमड़ पड़ा था। साक्षी की शोभा यात्रा भी निकाली गयी। वहीं संस्कृत विद्यापीठ के छात्रों द्वारा संस्कृत में मंगलाचरण एवं श्लोक पढ़कर स्वागत किया गया। साक्षी ने लखनऊ एवं वाराणसी की महिला पहलवानों की जोड़ी का हाथ मिलवाकर तीन दिवसीय कुश्ती का शुभारम्भ किया। स्थानीय स्तर पर महिला पहलवानों का दंगल पहली बार दिखा। इन पहलवानों की कुश्ती देखने के लिए महिलाओं की भी भारी भीड़ मौजूद थी। साक्षी ने मल्यशिरोमणि मंगलाराय के प्रतिमा का अनावरण भी किया।