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 नई दिल्ली: भारत के ‘अंतिम आेवरों’ के विशेषज्ञ जसप्रीत बुमराह जानते हैं कि सिर्फ प्रभावशाली यार्कर गेंदबाजी करना ही उनका एकमात्र हथियार नहीं बन सकता। गुजरात और बंगाल के बीच होने वाले रणजी मैच से पहले भारत के सीमित आेवरों के विशेषज्ञ बुमराह ने से कहा, ‘‘आप सिर्फ यार्कर गेंदबाजी करके ही सफल नहीं हो सकते। कोई भी छह में से छह यार्कर नहीं फेंक सकता। इसलिये आपको अपनी रफ्तार का मिश्रण करना होगा। आपको बाउंसर फेंकने होंगे, रफ्तार का मिश्रण करना होगा। अभ्यास में मैं सिर्फ यार्कर गेंदबाजी नहीं करता। ’’  
 

बाईस वर्षीय बुमराह सीमित आेवरों की टीम में महेंद्र सिंह धोनी की पहली पसंद होते हैं, उन्होंने आठ वनडे और 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उन्होंने कहा कि यार्कर उनके लिए गुडलेंथ गेंद की तरह है। इस तेज गेंदबाज ने खुलासा किया, ‘‘एेसा नहीं है। मैं अंतिम आेवरों की गेंदबाजी का अभ्यास करता हूं। यार्कर लेंथ गेंद फेंकने की तरह ही है। जितना तुम ज्यादा फेंकोगे, उतना ही बेहतर तुम बनते जाआेगे। मैंने गुजरात और मुंबई इंडियंस के लिए यार्कर गेंदबाजी की है। इससे पहले मैं टेनिस गेंद से क्रिकेट खेलता था। मैं नहीं जानता लेकिन यह इसका एक कारण हो सकता है। मैं अभ्यास करता हूं। मैं डेथ गेंदबाजी को भी उचित समय देता हूं। ’’