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बेंगलूरू: भारतीय पुरूष हॉकी संभावित खिलाडिय़ों में पहली बार जगह पाने के बाद युवा गोलकीपर सूरज करकेरा अधिक महत्वाकांक्षी हुए बिना इसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं। मुंबई के 21 वर्षीय इस गोलकीपर को पता है कि मलेशिया में होने वाले सुल्तान अजलन शाह कप के लिये टीम में उनका चयन लगभग नामुमकिन है। 

छह देशों के वोल्वो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दो साल पहले जूनियर टीम के लिये पदार्पण करने वाले करकेरा ने कहा कि सीनियर पुरूष टीम के लिये पदार्पण के बारे में अभी मैं सोच ही नहीं रहा। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान बेसिक्स और अपना आत्मविश्वास बढाने पर है। उसने कहा कि मैंने पी आर श्रीजेश का खेल बारीकी से देखा है। 

उन्होंने भारत में गोलकीपरों के लिए उंचे मानदंड कायम किए हैं। मेरे जैसे युवा गोलकीपरों को पता है कि टीम में जगह पाने के लिये उनके आसपास पहुंचना जरूरी है। मैने उनसे काफी कुछ सीखा है। जिस तरह से जूनियर खिलाडिय़ों के साथ उनका बर्ताव है, वह काबिले तारीफ है। मुझे कभी उनके जैसे सीनियर के साथ खेलते हुए अजीब नहीं लगा।