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नई दिल्ली:  भारत और इंग्लैंड के बीच राजकोट टेस्ट मैच दूसरे दिन भी जारी है लेकिन मैच के पहले दिन जो वो कोई नहीं भूल सकता। मैच के पहले दिन भारतीय बॉलर उमेश यादव कुछ ऐसा कर बैठे कि फील्ड अंपायर कन्फ्यूज हो गए। दरअसल उमेश यादव ने अपनी ही बॉल पर रूट को कैच आउट किया। उमेश यादव इंग्लैंड की इनिंग का 81वां ओवर फेंक रहे थे। ओवर की 5वीं बॉल पर रूट ने आगे आकर शॉट खेला। बॉल हवा में उछली और उमेश के हाथ में गई। कैच लेते ही वो खुशी से उछल पड़े। बॉल हाथ में आते ही उन्होंने उसे उछाल दिया। ऐसा ही करते ही उनका संतुलन बिगड़ा और बॉल हाथ से फिसलकर जमीन पर जा गिरी।

ये सब इतनी जल्दी हुआ कि फील्ड अंपायर कन्फ्यूज हो गए कि ये कैच पकड़ने के बाद उमेश का सेलिब्रेशन था, या बॉल उनके हाथ में ठीक से आई ही नहीं। जो रूट के साथ ही इंडियन टीम और खुद उमेश भी कन्फ्यूज नजर आ रहे थे। फील्ड अंपायर ने फैसला थर्ड अंपायर के पास भेज दिया। थर्ड अंपायर ने जो रूट को आउट दिया। स्लो मोशन में जब रीप्ले देखा गया, तो अंपायर टकर ने पाया कि यादव ने नियंत्रण के साथ गेंद को पकड़ लिया था तथा खुद के ऊपर से गेंद को हवा में उछाल जश्न मनाना चाहते थे। इस दौरान गेंद उनके हाथ से निकाल गई।

क्रिकेट रूल बुक में कैच आउट करने के नियम 32 के अनुसार कैच पकड़ने की शुरुआत से लेकर अंत तक फील्डर का खुद व गेंद पर पूरी तरह नियंत्रण होना जरूरी होता है। ऐसे ही एक मामले में 1999 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका के हर्षल गिब्स ने स्लिप में ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ का कैच पकड़ा था लेकिन सेलिब्रेशन की जल्दी में गिब्स बॉल पर कंट्रोल नहीं रख सके और वो जमीन पर गिर गई। इसके बाद वॉ को नॉट आउट दे दिया गया था।