Sports

इपोहः भारतीय सीनियर पुरूष हॉकी टीम ने आयरलैंड से एक दिन पहले मिली हार का बदला चुकता करते हुए शनिवार को यहां सुल्तान अजलान शाह कप टूर्नामेंट में पांचवें स्थान के लिए हुए मैच में 4-1 के अंतर से जीत अपने नाम कर ली। भारतीय पुरूष टीम को शुक्रवार को आयरलैंड के हाथों ही 2-3 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। भारतीय टीम में इस वर्ष हुए सुल्तान अजलान टूर्नामेंट के लिए युवा टीम को उतारा था लेकिन वह पांचवें स्थान पर रहा। इससे पिछले संस्करण में टीम तीसरे स्थान पर रही थी।

भारतीय हॉकी टीम अब अप्रैल में राष्ट्रमंडल खेलों में बड़ी चुनौती के लिए उतरेगी। भारतीय टीम ने शुक्रवार को टूर्नामेंट के अपने आखिरी मुकाबले में हालांकि काफी उम्दा प्रदर्शन दिखाया और पहले क्वार्टर में उसने दूसरे पेनल्टी कार्नर को भुनाया। वरूण कुमार ने पांचवें मिनट में पेनल्टी कार्नर पर गोल कर टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने बराबरी का संघर्ष किया लेकिन आयरलैंड बराबरी का गोल नहीं कर सकी। दूसरे क्वार्टर में शिलांदा लाकड़ा ने आयरिश सर्कल में घुसते हुए 28वें मिनट में गोल कर भारत को 2-0 से बढ़त दिला दी। लाकड़ा का यह टूर्नामेंट में तीसरा गोल भी है। पहले हाफ तक फिर भारत ने इस बढ़त को बनाए रखा। मैच के तीसरे क्वार्टर में भी भारत ने काफी आक्रामकता के साथ शुरूआत की और उसकी बदौलत पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन आयरलैंड ने भारत को मिले इस तीसरे पेनल्टी कार्नर के निर्णय को चुनौती दे दी और भारतीय टीम के हाथ से यह मौका निकल गया। लेकिन 32वें मिनट में रमनदीप के पास पर वरूण ने बेहतरीन शॉट मारा जो आयरिश गोलकीपर के ऊपर से निकल पोस्ट में चला गया और भारत ने अपनी बढ़त को 3-0 से मजबूत बना लिया।  भारत को इसके बाद मैच में उसका चौथा पेनल्टी कार्नर मिला और वरूण ने अपनी हैट्रिक पूरी करने की काफी कोशिश की लेकिन आयरिश रक्षापंक्ति ने उनकी कोशिशों को विफल कर दिया।

मैच के 37वें मिनट में भारत ने जवाबी हमला किया और तलविंदर सिंह के जबरदस्त पास पर गुरजंत सिंह ने गोल करते हुये स्कोर 4-0 कर भारत की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी। ऊंचे मनोबल से ओतप्रोत दिख रही भारतीय टीम ने इसके बाद भी अपना हमला रखा, लेकिन अंतिम क्वार्टर के तीन मिनट बाद ही आयरिश खिलाड़ी शेन ओ डोंगे ने अपनी टीम के लिये सांत्वना गोल किया और स्कोर 4-1 पहुंचा दिया। इसके कुछ मिनट बाद ही आयरलैंड को पेनल्टी कार्नर भी मिला लेकिन वह इसे भुना नहीं सकी और अंत तक भारत ने इस बढ़त को बनाये रखते हुये जीत अपने नाम कर ली।