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नई दिल्ली: जूनियर विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि हाकी इंडिया लीग (एचआईएल) में खेलने से उन जैसे युवा खिलाडिय़ों को दुनिया की शीर्ष टीमों से भिडऩे में मदद की। एचआईएल में दबंग मुंबई की आेर से खेलने वाले हरमनप्रीत ने कहा कि लीग ने उन्हें विश्व कप की तैयारी करने में मदद की।   

इस 21 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘विदेशी खिलाड़ी काफी उत्साह बढ़ाते हैं और वे हमारी गलतियां सुधारने में भी हिचकिचाते नहीं है। ’’  हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘मार्क नोल्स या मोरिट्ज फुत्र्से जैसे शीर्ष खिलाडिय़ों के खिलाफ खेलने का मतलब भी यही है कि महान खिलाडिय़ों के खिलाफ खेलने का डर भी खत्म हो जाता है। ’’  

उन्होंने कहा, ‘‘आमतौर पर जब हम विभिन्न राष्ट्रीय टीमों के लिये खेलते हैं तो कोच उस विशेष प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ सकारात्मक और नकारात्मक चीजों के आधार पर अलग रणनीति बताते हैं। जूनियर विश्व कप के लिये हमारी योजना भी एेसे ही कार्यान्वित हुई थी और एचआईएल में खेलने से हमने काफी कम समय में विभिनन वैरिएशन में अनुकूलित होना सीखा जिससे हमारे लिये कोच रोलेंट आेल्टमैंस की योजनाओं को कार्यान्वित करने में भी काफी आसानी हुई। ’’