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लुसाने: अंतरराष्ट्रीय हाकी महासंघ (एफआईएच) ने अपनी महत्वाकांक्षी प्रो लीग से भारत के हटने की पुष्टि की है जो एफआईएच की प्रमुख प्रतियोगिता है जिससे पुरूष और महिला वर्ग में शीर्ष 4 टीमों को ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने का मौका मिलेगा।  

एफआईएच ने कहा कि उसे हाकी इंडिया से पुष्टि मिली है कि देश जनवरी 2019 में शुरू होने वाले टूर्नामैंट से हट गया है जिसमें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच मैच साल में 6 महीने सप्ताहांत पर कराए जाएंगे। हॉकी इंडिया के पूर्व प्रमुख नरेंद्र बत्रा की अगुआई वाले एफआईएच ने बयान में कहा कि हमें इस नई रोमांचक वैश्विक लीग से नहीं जुडऩे के हाकी इंडिया के फैसले का खेद है, आवेदन प्रक्रिया के बाद अधिक टीमों के आवेदान आने के बाद हमारे पास वैकल्पिक टीमें उपलब्ध हैं। 

हाकी इंडिया के इस फैसले का भारत की पुरष और महिला टीमों के ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है क्योंकि प्रो लीग तोक्यो खेलों के लिए एफआईएच की मुख्य क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में से एक है। शीर्ष नौ पुरष और महिला टीमें एक दूसरे के खिलाफ अपने और विरोधी के मैदान पर हर सप्ताहांत जनवरी से जून तक 6 महीने तक भिड़ेंगी। लीग के अंत में शीर्ष 4 पर रहने वाली टीमों को ओलंपिक में जगह मिलेगी। मीडिया की खबरों के अनुसार भारत ने महिला टीम की खराब रैंकिंग के कारण हटने का फैसला किया है और सिर्फ एक टीम को हटाने का विकल्प नहीं था इसलिए भारत के पास पुरष स्पर्धा से भी हटने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।