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नई दिल्ली: 3 पूर्व कप्तानों समेत हॉकी दिग्गजों ने महिला टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन को पुरूष टीम का मुख्य कोच बनाने के फैसले को समझ से परे बताया।  मारिन को भारतीय पुरूष टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है जिन्हें सीनियर पुरूष टीम के साथ काम करने का कोई अनुभव नहीं है । इसके साथ ही जूनियर विश्व कप विजेता टीम के कोच रहे हरेंद्र सिंह को सीनियर महिला टीम का हाई परफार्मेंस विशेषज्ञ कोच बनाया गया।  भारत के विश्व कप विजेता कप्तान अजीत पाल सिंह ने कहा कि यह फैसला मेरी समझ से परे है । मारिन ने कभी किसी सीनियर पुरूष टीम को कोङ्क्षचग नहीं दी । वह खिलाडिय़ों को जानते भी नहीं है ।

उन्होंने कहा कि हरेंद्र को महिला टीम की कमान सौंपी गई है लेकिन वह भी कभी महिला टीम के कोच नहीं रहे। ओलंपिक चक्र शुरू हो चुका है और उन्हें जमने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि रोलेंट ओल्टमेंस को हटाने का फैसला ही गलत समय पर लिया गया ।   

उन्होंने कहा कि ओल्टमेंस को गलत समय पर हटाया गया। उसने भारतीय हॉकी को बहुत कुछ दिया था। उनके मार्गदर्शन में टीम ने उम्दा प्रदर्शन किया हालांकि वैसे नतीजे नहीं दे सके। मलेशिया और कनाडा से हारना उनके लिये भारी पड़ा। करिश्माई फारवर्ड धनराज पिल्लै ने कहा कि हरेंद्र पुरूष टीम के लिये बेहतर विकल्प थे। उन्होंने कहा कि यह पीछे की ओर उठाया गया कदम है । मुझे यह फैसला समझ में नहीं आया। हरेंद्र प्रबल दावेदार था । यह नकारात्मक फैसला है । लगता है कि  हॉकी इंडिया सिर्फ विदेशी कोच चाहता है । ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता जफर इकबाल ने कहा कि यह अच्छा या बुरा फैसला हो सकता है । इसका कुछ कारण रहा होगा । मारिन भी नीदरलैंड से है और हो सकता है कि उनकी ओल्टमेंस के समान शैली को देखते हुए उन्हें काम सौंपा गया है ।