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नई दिल्ली: पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों ने भले ही चैम्पियंस ट्राफी के फाइनल तक पहुंचने के दौरान प्रतिद्वंद्वी टीम के बल्लेबाजों को परेशान किया हो लेकिन गौतम गंभीर को नहीं लगता कि कल होने वाली खिताबी भिड़ंत में वे भारतीय बल्लेबाजों के सामने कोई बड़ी मुश्किल खड़ी करेंगे। पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण में मोहम्मद आमिर, जुनैद खान और हसन अली मौजूद हैं जो मैच दर मैच मजबूत हो रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ वे शानदार थे और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने काफी प्रभावित किया।   

गंभीर ने कहा, ‘‘भारत-पाक मुकाबला कई वर्षों से भारत की बल्लेबाजी बनाम पाकिस्तान की गेंदबाजी द्वंद्व रहा है। इससे पहले यह शोएब अख्तर और उमर गुल व हमारे बीच होता था और अब आमिर उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज है। टूर्नामेंट में अब तक सपाट विकेट को देखते हुए मुझे भारत के लिए कोई खतरा नहीं दिखता। हो सकता है कि अगर हालात अच्छे होते हैं तो आमिर सामान्य से कुछ बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं।’’  

जहां तक आक्रमण की बात है तो गंभीर को लगता है कि तेज गेंदबाज उमेश यादव को अंतिम एकादश में वापस लाना चाहिए। ग्रुप चरण के दो मैचों के बाद स्पिनर आर अश्विन ने यादव की जगह ली। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि यह काफी पेचीदा है लेकिन आेवल की पिच के उछाल को देखते हुए मैं उमेश को खिलाना चाहूंगा। इसके अलावा कोई भी उपमहाद्वीपीय टीम आमतौर पर स्पिन के खिलाफ सहज होती है जिससे मैं उमेश को तरजीह दूंगा, हालांकि अश्विन भी शानदार प्रतिस्पर्धी हैं।’’