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जोहानिसबर्ग: एक अंग्रेजी अखबार ने गलती से इंगलैंड क्रिकेटर केविन पीटरसन को 'मैच फिक्सर' बना दिया। जी हां, इस बात की जानकारी खुद पीटरसन ने दी है। इस बात से भड़के पीटरसन ने ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने एक न्यूज पेपर की फोटो पोस्ट की है जिसमें उनकी फोटो छपी है और उसके साथ हेडलाइन में केविन के नाम का दूसरा हिस्सा यानी पीटरसन लिखा हुआ है साथ ही, यह कोट किया गया है, 'मैं मैच फिक्सर नहीं हूं।'

न्यूजपेपर में गलती से लगाई केविन पीटरसन की फोटो 
दरअसल, अखबार वालों ने दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी अलविरो पीटरसन की फोटो की जगह केविन पीटरसन की फोटो छाप दी। खबर के हर जगह अलविरो का सही नाम लिखा हुआ था। हालांकि, केविन ने इस मामले को ज्यादा तूल नहीं दिया है और सोशल मीडिया पर सामान्य तरीके से अपनी नाराजगी जाहिर की।
 



मैच फिक्सिंग के आरोपों में फंसे पीटरसन
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर अलविरो पीटरसन को क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका द्वारा की गई जांच बाद मैच फिक्सिंग का आरोपी बनाया गया है। दक्षिण अफ्रीकी बोर्ड की जांच के बाद अलविरो के अलावा कई अन्य खिलाड़ियों को भी मैच फिक्सिंग का आरोपी बनाया गया है और उन पर प्रतिबन्ध लगाया गया है। 

14 दिन के बाद इन आरोपों का देंगे जवाब
बोर्ड ने पीटरसन को इन आरोपों का जवाब देने के लिए चौदह दिन का समय दिया है।  उल्लेखनीय है कि पीटरसन पर यह आरोप 2015 में हुई रैम स्लैम ट्वंटी-20 चैलेंज सीरीज में कई मैचों को फिक्स करने की गतिविधियों में शामिल होने के लिए लगाया गया है। स्पिन गेंदबाज गुलाम बोडी पर जांच दौरान आरोप स्वीकार करने के बाद 20 वर्ष का तथा विकेटकीपर थामी त्सोल्किले पर 12 वर्ष का प्रतिबन्ध लगाया गया है जबकि पुमेलेला मत्शिकवे, इथी मभलाती और योन शिमेस पर भी बोडी से पैसा लेने के लिए प्रतिबन्ध लगाया गया है।  रिपोर्ट के अनुसार पीटरसन पर मैचों को फिक्स करने या अनुचित ढंग से प्रभावित करने, या मैच फिक्स करने या अनुचित ढंग से प्रभावित करने के प्रयासों में सम्मिलित होने का आरोप लगाया गया है।