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कोलकाता: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे एकदिवसीय मैच के दौरान एक नोबाल के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो गई जब मेहमान टीम ने ‘डेड बॉल’ की स्थिति में हार्दिक पांड्या के आउट होने का दावा किया लेकिन मैदानी अंपायरों ने उसे ठुकरा दिया। पंड्या तब 19 रन पर खेल रहे थे जब वह कमर की ऊंचाई की फुलटास पर सही शाट नहीं लगा पाए और गेंद कवर में खड़े स्टीव स्मिथ के हाथों में चली गई। तभी बारिश भी आ गई। पंड्या को पता नहीं चला कि गेंद नोबाल थी और वह पवेलियन लौटने लगे। स्मिथ को यहां पर लगा कि पंड्या को रन आउट किया जा सकता है और उन्होंने गेंद गेंदबाज केन रिचर्डसन की तरफ फेंक दी जिन्होंने गिल्लियां गिरा दी और तब पंड्या आसपास भी नहीं थे।
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बारिश ने बदल दिया मैच
कप्तान स्मिथ सहित आस्ट्रेलियाई खिलाडिय़ों ने रन आउट के लिए अपील की लेकिन अंपायरों ने कुछ देर तक विचार विमर्श करने के बाद फैसला किया जब आस्ट्रेलियाई टीम ने रन आउट का दावा किया तब तक गेंद खेल में नहीं थी यानि ‘डेड’ हो चुकी थी। बारिश के कारण इस पूरे घटनाक्रम में नाटकीय मोड़ आया। बारिश थमने पर खेल शुरू होने के बाद पंड्या साथी बल्लेबाज भुवनेश्वर कुमार के साथ वापस क्रीज पर लौटे। अंपायरों ने इस मामले में नियमों का सहारा लिए बल्लेबाजी टीम को फ्री हिट दी।

क्या कहता है नियम?
एमसीसी की नियमावली के अनुबंध 27.7 के अनुसार, ‘‘बल्लेबाज गलतफहमी में अपनी क्रीज छोड़ता है और अंपायर को अगर लगता है कि बल्लेबाज ने गलतफहमी में विकेट छोड़ा तो वह उसे नॉटआउट दे सकता है। अंपायर बीच में अपनी बात रखेगा और गेंद को ‘डेड बॉल’ करार देगा ताकि क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम आगे खेल से जुड़ी कोई गतिविधि में शामिल नहीं हो। इसके बाद अंपायर बल्लेबाज को वापस बुलाएगा।’’