Sports

मुंबई: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा है कि उसे आशंका है कि कार्यप्रणाली के संचालन को लेकर उच्चतम न्यायालय के हाल में दिए गए आदेश के मद्देनजर लोढा समिति को भेजे गए पत्र के संबंध में यदि समिति ने सही समय से जवाब नहीं दिया तो उसका कामकाज ठप्प पड़ सकता है।  शीर्ष न्यायालय के बीसीसीआई को 21 अक्टूबर को दिए गए दिशा निर्देश के संबंध में बोर्ड सचिव अजय शिर्के ने लोढा समिति को पत्र लिखकर कामकाज के तरीके के बारे में पूछा था लेकिन समिति ने इसका अब तक जवाब नहीं दिया है। बोर्ड ने अपना डर व्यक्त करते हुये कहा है कि यदि समिति का इसी तरह का उदासीन रवैया रहेगा तो निश्चित रूप से बोर्ड के कामकाज में ठहराव आ जाएगा।  

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार भारतीय बोर्ड समिति की बिना सहमति के कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय नहीं ले सकता है। इन महत्वपूर्ण निर्णयों में नौ नवंबर से इंगलैंड के खिलाफ शुरू हो रही द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज,आईपीएल के मीडिया अधिकारों से संबंधित तारीखों का निर्णय और अन्य निर्णय हैं।  सर्वोच्च न्यायालय ने 21 अक्टूबर को दिये गये लोढा कमेटी को निर्देश दिया था कि वह बीसीसीआई के लेने देन की सीमा तय करे। सुप्रीम कोर्ट ने लोढा पैनल से कहा कि पैनल अपना एक ऑडिटर नियुक्त करें और बड़े ठेके पर दिए गए अनुबंध और खातों की भी जांच करें।