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नई दिल्ली: रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू की उपलब्धि ने उन्हें स्वदेश लौटते ही नगद ईनामों से मालामाल कर दिया, लेकिन यह सफर यहीं नहीं रूका है और अब सिंधू ने 50 करोड़ रूपए का भारी भरकम करार कर सभी को चौंका दिया है।  

21 वर्षीय सिंधू ने 3 वर्ष के लिए एक स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के साथ करार किया है जो किसी गैर क्रिकेटर खिलाड़ी का सबसे बड़ा करार माना जा रहा है। एक अंग्रेजी दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार हैदराबादी खिलाड़ी ने बेसलाइन कंपनी के साथ यह करार किया है जो करीब 50 करोड़ के आसपास बताया जा रहा है।  बेसलाइन कंपनी की सह संस्थापक और प्रबंध निदेशक तुहीन मिश्रा ने कहा कि सिंधू की लोकप्रियता की वजह से बहुत सारी कंपनियां उनके साथ करार करना चाहती हैं। अगले 3 वर्षों तक हम उनकी ब्रांड वैल्यू बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उनकी यह सफलता अविश्वसनीय है।

रिपोर्ट के अनुसार कंपनी अब बैडमिंटन खिलाड़ी की ब्रांड वैल्यू, लाइसेंसिंग और प्रायोजनों के प्रबंधन को देखेगी। मिश्रा ने साथ ही बताया कि सिंधू अपने करार के आखिरी चरण में हैं।  पुलेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में सिंधू ने रियो ओलिंपिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का रजत पदक जीता था। वह ओलिंपिक में बैडमिंटन में रजत जीतने वाली भी देश की पहली महिला खिलाड़ी हैं। रियो में देश को केवल दो ही पदक मिले हैं जिनमें महिला पहलवान साक्षी मलिक ने कांस्य जीता है।