Sports

कुआंटन: एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक विजेता भारत कल से यहां महाद्वीप के चोटी के छह देशों के बीच खेले जाने वाले एशियाई चैंपियन्स ट्राफी (एसीटी) पुरूष हाकी टूर्नामेंट में फिर से खिताब जीतने के प्रबल दावेदार के रूप में शुरूआत करेगा। 

भारत ने 5 साल पहले ओर्डोस में पहली एशियाई चैंपियन्स ट्राफी जीती थी। भारत ने इसके बाद इस प्रतियोगिता में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम उतारने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। महाद्वीप की चोटी के हाकी देशों की भी इसमें गहरी रूचि नहीं रही।  इस वार्षिक टूर्नामैंट का बीच में 2014 और 2015 में आयोजन नहीं किया गया लेकिन अंतरराष्ट्रीय हाकी महासंघ (एफआईएच) का इसे भविष्य के ओलिंपिक और विश्व कप क्वालीफिकेशन प्रणाली में शामिल करने के फैसले के बाद एशियाई चैंपियन्स ट्राफी में नई जान फूंक दी है।

एफआईएच के फैसले के कारण ही मलेशियाई शहर कुआंटन में 20 से 30 अक्तूबर के बीच एशिया के चोटी के खिलाड़ी खेलते हुए दिखायी देंगे।  भारत ने कई खिलाडिय़ों के चोटिल होने के बावजूद अपनी सर्वश्रेष्ठ संभावित टीम उतारी है। उसे खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है जिससे टीम पर दबाव बन सकता है।  दो बार का मौजूदा चैंपियन पाकिस्तान और पूर्व एशियाई चैंपियन दक्षिण कोरिया भी अपने से अधिक रैंकिंग के प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब है। 

भारतीय टीम के कोच रोलैंट ओल्टमैन्स को यहां अच्छे परिणाम की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक में क्वार्टर फाइनल से बाहर होना निराशाजनक था लेकिन इससे खिलाडिय़ों में यह विश्वास भरा कि वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की बराबरी कर सकते हैं। अब भारतीय हाकी के प्रशंसकों की निगाह कुछ अच्छे परिणामों पर होगी।