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नई दिल्ली:  ट्वेंटी 20 व‌र्ल्ड कप के शुरुआती दो मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान और वेस्टइंडिज को बेशक हरा दिया। दोनों मैचों में भारत ने शानदार प्रदर्शन कर एक बार फिर 2007 विश्व कप की यादें ताजा करने की उम्मीद जगा दी हैं। आइए जानें इसकी वजह:

गेंदबाजी में हुआ सुधार
विश्व कप से पहले भारतीय गेंदबाज अक्सर ही लचर प्रदर्शन करते नजर आए, लेकिन जैसे ही विश्व कप शुरू हुआ भारत की गेंदबाजी मजबूत कड़ी बनकर उभरी है। चाहे वो तेज गेंदबाज हों या फिर स्पिन गेंदबाज सभी एकजुट हो कर प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं, जो एक सकारात्मक पहलू है।

ऑलराउंडर है टीम का हर खिलाड़ी
भारत की टी 20 टीम बहुत फ्लेक्सिबल नजर आती है। मोहम्मद शमी को छोड़कर टीम का लगभग हर खिलाड़ी बल्ले से भी योगदान दे सकता है, वहीं गेंदबाजी में धवन को छोड़ दिया जाए तो हर बल्लेबाज गेंदबाजी भी कर सकता है। रैना, युवराज, कोहली और रोहित कभी भी जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी कर सकते हैं और मजे की बात ये है कि ये सभी गेंदबाज इस तरह की विकेट पर किसी भी विश्व स्तरीय गेंदबाज से कम नहीं दिखते।

भुवनेश्वर बन सकते हैं इस विश्व कप के हीरो

भुवनेश्वर कुमार नई गेंद को जिस तरह से मूव कराते हैं उनको खेलना कई बार नामुमकिन सा हो जाता है, उनकी लाइन और लेंग्थ के सामने क्रिस गेल जैसा बल्लेबाज भी कुछ नहीं कर पा रहा है तो आप समझ सकते हैं कि वो अाने वाले दिनों में कितना खतरनाक हो सकता है। बेशक भूवी विकेट ना दिला पाएं, लेकिन शुरू में जिस तरह की किफायती गेंदबाजी वो करा रहे हैं वो टीम इंडिया को फायदा ही पहुंचाता है।

टी20 में धोनी की महारत टीम इंडिया के साथ
भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की टेस्ट कप्तानी को लेकर जरूर कई सवाल उठते रहे हैं, लेकिन जैसे ही बात ट्वेंटी 20 क्रिकेट की आती है हर कोई उनका मुरीद हो जाता है। किस तरह से विपक्षी टीम के जबड़े से जीत को छीना जाता है वो कोई धोनी से सीखे। धोनी का अनुभव भारतीय टीम को एक बार फिर विश्व कप दिला सकता है, क्योंकि इस कंडिशन में अपने रिसोर्स को किस तरह इस्तेमाल करना चाहिए वो शायद धोनी से बेहतर कोई नहीं जानता।