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नई दिल्ली: आई.सी.सी. ट्वंटी-20 विश्वकप के कई प्रोमोज में से एक प्रोमो में भारत के धुरंधर बल्लेबाज युवराज सिंह (युवी) को एक ओवर में 6 छक्के मारते दिखाया गया है और उसके साथ एक लाइन आती है कि दुनिया बदलेगी बस एक ओवर में लेकिन युवराज के लिए विश्वकप के पहले 2 मैच किसी दुस्वप्न से कम साबित नहीं हुए हैं। युवराज का पाकिस्तान और वैस्टइंडीज के खिलाफ इन दोनों मैचों में ही प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा लेकिन इन मैचों में टीम इंडिया की आसान जीत से युवराज के प्रदर्शन की खामियां काफी हद तक ढक गई हैं।

वर्ष 2007 के पहले ट्वंटी-20 विश्वकप में इंगलैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के मारने वाले युवराज और उसके 7 साल बाद के युवराज में काफी बड़ा फर्क दिखाई दे रहा है। उस समय युवराज मनमाने अंदाज में चौके-छक्के उड़ाया करते थे लेकिन अब उन्हें 1-1 रन जुटाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
युवराज का यह प्रदर्शन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उनके भविष्य पर भी सवालिया निशान लगा सकता है। इस विश्वकप में एक और खराब प्रदर्शन पर वह अंतिम एकादश से बाहर हो सकते हैं। यदि वह इस बार एकादश से बाहर होते हैं तो उनके लिए टीम इंडिया में वापसी करना बेहद मुश्किल काम हो जाएगा।

गौतम गंभीर और वीरेन्द्र सहवाग जैसे दिग्गज खराब फार्म के कारण लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं जबकि टीम में वापसी करने वाले युवराज मौकों का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। वर्ष 2011 के विश्वकप में भारत की 28 वर्षों के बाद खिताबी जीत में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामैंट’ बने युवराज को आई.पी.एल.-7 की नीलामी में 14 करोड़ रुपए की सबसे बड़ी कीमत मिली है लेकिन आई.सी.सी. ट्वंटी-20 विश्वकप टूर्नामैंट के 2 मैचों में वह अभी तक सुपर फ्लाप रहे हैं।