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अबुधाबी: टीम इंडिया से बाहर चल रहे लेकिन अपने अंदर 2-3 वर्ष की क्रिकेट बचे रहने का दावा करने वाले विस्फोटक बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग का ‘दुर्भाग्य’ ने पीछा विदेशी जमीन पर भी नहीं छोड़ा है। सहवाग घरेलू मैचों में तो लगातार फ्लाप रहे थे लेकिन जब उन्हें इंगलिश काऊंटी टीम डरहम के खिलाफ अबुधाबी में मेरिलबोर्न क्रिकेट क्लब (एम.सी.सी.) की कप्तानी करने का अभूतपूर्व मौका मिला तो भी वह इसका फायदा नहीं उठा पाए।

अबुधाबी के शेख जायद स्टेडियम में रविवार से शुरू हुए 4 दिवसीय दिन-रात्रि के इस मैच में सहवाग एम.सी.सी. की तरफ से अपनी परंपरागत ओपङ्क्षनग पोजीशन की बजाय चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे और 14 मिनट क्रीज पर रहकर 7 गेंदों का सामना करने के बाद 5 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए। युवा लैग स्पिनर स्काट बोर्थविक की गेंद पर सहवाग का कैच उस्मान अरशद ने लपका। सहवाग टीम के 184 के स्कोर पर आऊट हुए।

डरहम ने पहली पारी में 248 रन बनाए थे जिसके जवाब में एम.सी.सी. की टीम ने 282 रन बनाकर पहली पारी में 34 रन की बढ़त हासिल की। डरहम ने सोमवार को दूसरे दिन के खेल की समाप्ति के समय एक विकेट खोकर 39 रन बनाए थे।  सहवाग का पिछले घरेलू सत्र में काफी खराब प्रदर्शन रहा था और पूरे सत्र में 56 रन के रूप में एक अद्र्धशतक जमा पाए थे। हालांकि सहवाग ने हाल में एक साक्षात्कार में कहा था कि उनके अंदर अभी 2-3 वर्ष की क्रिकेट बाकी है और वह आई.पी.एल. के मंच का इस्तेमाल चयनकत्र्ताओं के सामने खुद को साबित करने के लिए नहीं करना चाहते हैं। आई.पी.एल.-7 की नीलामी में सहवाग को उनकी 6 सत्रों की टीम दिल्ली डेयरडेविल्स ने नहीं खरीदा था।