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मुंबई: अपने शानदार करियर में मात्र एक ट्वंटी-20 अन्तरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले बल्लेबाजी के बादशाह सचिन तेदुंलकर ने आश्चर्यजनक रूप से ट्वंटी-20 की वकालत करते हुए कहा है क्रिकेट के प्रति युवाओं को आकॢषत करने के लिए यह आदर्श प्रारूप है।
सचिन ने ईएसपीएन क्रिकइंफो पुरस्कारों में ‘क्रिकेटर आफ द जेनरेशन’ चुने जाने के बाद कहा कि युवाओं को क्रिकेट के प्रति आकॢषत करने के लिए टवंटी-20 आदर्श प्रारूप है लेकिन उन्होंने साथ ही उभरते क्रिकेटरों को सलाह दी कि वे अपने दिल की सुनें और वही फार्मेट खेलें जो उन्हें सबसे उपयुक्त लगता है।

गत वर्ष अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सचिन ने अपने 24 वर्षो के करियर में 200 टेस्ट और 463 वनडे खेले। इसके अलावा उन्होंने सिर्फ एक ट्वंटी-20 अन्तरराष्ट्रीय मैच खेला है। लेकिन उन्होंने आईपीएल ट्वंटी-20 लीग के छह संस्करण खेले हैं। सचिन की पहचान टेस्ट और वनडे के बेताज बादशाह के रूप में है लेकिन उन्होंने कहा कि यदि आप ज्यादा युवाओं को क्रिकेट में लाना चाहते हैं तो ट्वंटी-20 एक आदर्श फार्मेट है।

उसके बाद वे वनडे और फिर टेस्ट क्रिकेट में जा सकते है। आमतौर पर विशेषज्ञों और पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि जो खिलाड़ी अपने करियर की शुरूआत में ट्वंटी-20 जैसे फार्मेट पर ज्यादा जोर देते हैं उनमें लम्बे फार्मेट में अधिक समय तक खेलने की क्षमता नहीं रह जाती है। सचिन के इस सुझाव के बाद निश्चित ही इस बात पर बहस होगी कि करियर की शुरूआत ट्वंटी-20 से करना कितना सही होगा।