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फतुल्लाह: पांच बार की एशिया कप चैंपियन भारतीय टीम अपने नए कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व में जब एशिया कप में मेजबान बांग्लादेश के खिलाफ बुधवार से अपने अभियान की शुरुआत करेगी तो उस पर विदेशी जमीन पर पिछले खराब प्रदर्शन की आलोचनाओं को पीछे छोडऩे के साथ ही दिग्गजों की अनुपस्थिति में बेहतर प्रदर्शन करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी होगी।

भारत ने एशिया कप टूर्नामेंट में सबसे अधिक पांच बार जीत दर्ज की है, लेकिन मेजबान होने के साथ ही घरेलू दर्शकों के समर्थन से बांग्लादेश मैच में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकता है इसलिए उसे कमतर आंकने की भूल टीम इंडिया पर भारी पड़ सकती है। विराट को मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अनुपस्थिति में कार्यवाहक कप्तान बनाया गया है। विराट के लिए जहां यह खुद को कप्तान के रूप में साबित करने का एक बेहतरीन मौका है तो वहीं उनके लिए यह स्थिति इम्तिहान से कम नहीं है। क्योंकि जहां एक ओर टीम आलोचनाओं का शिकार है तो दूसरी ओर उसमें धोनी जैसे समझदार खिलाड़ी सहित सुरेश रैना और युवराज सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी मौजूद नहीं हैं।

हालांकि खुद विराट का मानना है कि टीम के पास कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी हैं जिनसे उन्हें काफी उम्मीदें हैं। विराट ने विदेश में भी खुद को बल्ले से साबित किया है लेकिन कई अहम मौकों पर शिखर धवन, आलराउंडर रवींद्र जडेजा, अजिंक्या रहाणे और रोहित शर्मा जैसे महत्वपूर्ण बल्लेबाज खुद को साबित नहीं कर सके। ऐसे में कप्तान विराट को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाने के लिए भी तैयार रहना होगा।