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नई दिल्ली: पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्यों को अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए टीम के अपनी जगह पक्की नहीं समझी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में करारी हार ने अनुभवी और प्रतिभावान खिलाडिय़ों के लिए टीम में जगह बनाने के दरवाजे खोल दिए हैं। समान खिलाडिय़ों के समूह के साथ उतरने के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नजरिए से सहमति नहीं जताने वाले गावस्कर ने कहा, ‘‘बेशक आप खिलाडिय़ों (जो मौजूदा समूह का हिस्सा नहीं हैं) को नजरअंदाज नहीं कर सकते। आप मौजूदा खिलाडिय़ों को क्या संदेश दे रहे हैं। आप 5, 10 या 20 और कभी कभी शतक बनाकर अगले साल विश्व कप की टीम में रह सकते हैं। आप इस तरह अपने विश्व खिताब की रक्षा नहीं कर सकते।’’

गावस्कर ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के उम्रदराज क्रिकेटर ब्रेड हाज का उदाहरण देते हुए कहा कि गौतम गंभीर, युवराज सिंह और हरभजन सिंह जैसे 30 साल से अधिक उम्र के खिलाडिय़ों के लिए सब कुछ समाप्त नहीं हुआ है। भारत की 0.4 से शर्मनाक हार के बाद गावस्कर ने कहा, ‘‘मैं विकेट के हिसाब से खिलाड़ी चुनने के पक्ष हूं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि खिलाड़ी की उम्र क्या है। ब्रेड हाज 39 बरस का है और ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में उसको वापसी कराई। चयन के लिए आयु नहीं फार्म योग्यता होनी चाहिए। ऐसा तुरंत करने की जरूरत है क्योंकि जब तक आप ऐसा करने के बारे में सोचोगे तब तक काफी देर हो जाएगी।’’

महान सलामी बल्लेबाज गावस्कर का मानना है कि प्रतिभावान युवा खिलाडिय़ों को भी आजमाया जा सकता है। गावस्कर को हैरानी है कि लेग स्पिनर अमित मिश्रा को एक भी मैच खेलने को मौका नहीं मिला क्योंकि उनका मानना है कि मोहम्मद शमी को आराम दिया जाना चाहिए था।