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वेलिंगटन: एकदिवसीय सीरीज में अपने करियर की 0-4 की सबसे शर्मनाक हार झेलने वाले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इसका ठीकरा बल्लेबाजों के सिर फोड़ते हुए शुक्रवार को कहा कि वे निर्णायक पंच लगाने में नाकाम रहे। धोनी ने पांचवें और अंतिम वन डे में न्यूजीलैंड से 87 रन से मिली शर्मनाक पराजय के बाद कहा ‘इन खिलाडियों को पता होना चाहिए कि उन्हें अपनी क्षमता का किस तरह इस्तेमाल करना है और अपने स्ट्रोक्स कैसे खेलने हैं, लेकिन निराशा की बात यही रही कि जब अपनी प्रतिभा को अंजाम देने की बारी आई तो ये खिलाडी नाकाम रहे।’

भारतीय कप्तान ने विपक्षी टीम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी सीरीज में बेहतरीन क्रिकेट का प्रदर्शन किया। धोनी ने कहा ‘मेजबान टीम की नई गेंद की जोडी बेहतरीन थी और मध्य ओवरों में उनके बल्लेबाजों का प्रदर्शन हमारे मुकाबले कहीं ज्यादा शानदार रहा। इन ओवरों में ही उन्होंने हमसे मैच छीन लिए। इन ओवरों के दौरान उन्होंने लगातार 80-90 रन बनाए जिससे उन्हें आखिरी दस ओवरों में हमारे गेंदबाजों पर प्रहार करने का मौका मिला।’

धोनी ने आगामी दो टेस्टों की सीरीज में वापसी करने का भरोसा जताते हुए कहा ‘हमारे युवा खिलाडियों के लिए टेस्ट सीरीज अग्निपरीक्षा की तरह होगी जिससे प्रतिभा की असली परख होगी।’ न्यूजीलैंड के कप्तान ब्रैंडन मैकुलम ने इस शानदार जीत के बाद कहा कि जबसे वह न्यूजीलैंड के लिए खेल रहे हैं, यह उनकी सर्वश्रेष्ठ सीरीज जीत है। खिलाडियों ने भारत जैसी टीम के खिलाफ कडी मेहनत की जिसका नतीजा आपके सामने है।

पांचवें मैच में शतक बनाने वाले रोस टेलर को ‘मैन आफ द मैच’ का पुरस्कार मिला। टेलर ने कहा ‘भारतीय टीम इस हार के बाद टेस्ट सीरीज में वापसी करने की पूरी कोशिश करेगी लेकिन हमारी टीम टेस्ट सीरीज के लिए भी पूरी तरह तैयार है। फिलहाल तो हम आज रात इस जीत का जश्न मनाएंगे।’