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मेलबोर्न: चीन की ली ना ने जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए स्लोवाकिया की जाएंट किलर डोमिनिका सिबुलकोवा को शनिवार को लगातार सेटों में 7-6,  6-0 से हराकर आस्ट्रेलियन ओपन की नई मल्लिका बनने का गौरव हासिल कर लिया। चौथी सीड ली ना का यह दूसरा ग्रैंड स्लेम खिताब है। उन्होंने 2011 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीता था।

चीनी खिलाडी राड लेवर एरेना में पिछले तीन वर्षो में दो बार फाइनल में पराजित हुई थीं लेकिन इस बार उन्होंने मेलबोर्न पार्क में चीन का परचम लहरा दिया। ली ना 2011 में बेल्जियम की किम क्लिसटर्स के खिलाफ पहला सेट जीतने के बावजूद फाइनल में हार गई थीं जबकि गत वर्ष वह बेलारुस की विक्टोरिया अजारेंका के खिलाफ तीन सेटों में हार गई थीं।

ली ना ने फाइनल की पूर्व संध्या पर कहा था कि काश वह यह खिताब जीत सकतीं और आज उन्होंने अपना सपना पूरा कर लिया। 31 वर्षीय ली ना 2011 में फ्रेंच ओपन जीतने के साथ एशिया की पहली ग्रैंड स्लेम चैम्पियन बनी थीं और अब उन्होंने दूसरी बार यह इतिहास रच दिया। पहला सेट टाई ब्रेकर में 7-3 से जीतने के बाद ली ना ने दूसरे सेट में सिबुलकोवा को 6-0 से धो दिया।

वह आस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाली पहली चीनी खिलाडी बन गई हैं। ली ना 31 वर्ष की उम्र में आस्ट्रेलियन ओपन जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला खिलाडी भी बन गई हैं। इससे पहले यह रिकार्ड मार्गरेट कोर्ट के नाम था जिन्होंने 1973 में 30 वर्ष की उम्र में यह खिताब जीता था।