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आकलैंड: स्ट्रोकप्लेयर होना अच्छी बात है लेकिन किसी भी बल्लेबाज के लिए यह जरूरी है कि वह लगातार सफलता के लिए अपने शॉट पर नियंत्रण रखे। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में 15 रन की हार के बाद सुरेश रैना को यह संदेश दिया। विराट कोहली के 30वें ओवर में आउट होने के बाद भारतीय उम्मीदें धूमिल पड़ गई लेकिन धोनी और रैना के क्रीज में होने से कीवी टीम चिंतित थी। रैना ने 22 गेंद पर 35 रन बनाए लेकिन उन्होंने हवा में गेंद लहराकर अपना विकेट गंवा दिया।

रैना की बल्लेबाजी के बारे में धोनी ने कहा, रैना आक्रामक बल्लेबाजी करता है लेकिन अपने दिमाग को नियंत्रण में रखना महत्वपूर्ण होता है। आपको यह पता होना चाहिए कि आप किस क्षेत्र में शाट मारना चाहते हो। यदि वहां हिट करना मुश्किल है तो फिर आपके पास क्या विकल्प हैं इस पर विचार करना भी जरूरी है। यदि आप गेंद को वहां हिट नहीं कर पा रहे हो तो जरूरी नहीं है कि तब भी बड़ा शॉट खेलो। वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला से लेकर रैना की खराब फार्म जारी है। उन्होंने इस बीच 39, 17, 16, 28, 0, 23, 34, 14, 36, 18 और 35 रन बनाए।

सेडन पार्क में बुधवार को जब वह बल्लेबाजी के लिए उतरे थे तो करो या मरो वाली स्थिति थे। उनके पास पांव जमाने का समय नहीं था और उन्हें अपना विकेट बचाए रखकर शाट खेलने थे। धोनी ने कहा, इस पारी में उसने खराब गेंदों पर अच्छे शॉट जमाए। उम्मीद है कि इस पारी के बाद उसका आत्मविश्वास बढ़ा होगा और इसे वह लंबे समय तक बरकरार रखेगा। क्या यह इस बात का संकेत है कि रैना को लंबे समय तक नंबर छह पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा। धोनी ने कहा, ‘‘हमें कुछ चीजों पर गौर करना होगा। हम एक मैच के बाद अपनी रणनीति नहीं बदल सकते।’’