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मुंबई: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुने गए खिलाडियों को रणजी ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में नहीं उतारने का बचाव करते हुए कहा है कि इससे खिलाडियों को मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा होने का मौका मिला है। धोनी ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए रवाना होने से पहले मुंबई में शनिवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘क्वार्टरफाइनल मैचों का क्या कार्यक्रम था। हम इस संभावना को लेकर नहीं चल सकते थे कि मैच एक दिन पहले समाप्त हो जाएंगे। जब टीम विदेश दौरे पर जा रही है तो यह अहम है कि सभी खिलाडी एक साथ जाएं।’

उल्लेखनीय है कि बुधवार से शुरु हुए रणजी ट्रॉफी के क्वार्टरफाइनल में उत्तर प्रदेश का मुकाबला कर्नाटक से, बंगाल और रेलवे से, मुंबई और महाराष्ट्र से और पंजाब का जम्मू-कश्मीर से मुकाबला हुआ। न्यूजीलैंड जाने वाली भारतीय टीम में उत्तर प्रदेश के सुरेश रैना और भुवनेश्वर कुमार, मुंबई के रोहित शर्मा और अजिंक्या रहाणे, कर्नाटक के स्टुअर्ट बिन्नी और बंगाल के मोहम्मद शमी का चयन हुआ है।

ये छह खिलाडी क्वार्टरफाइनल में खेल सकते थे लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इसकी अनुमति नहीं दी। इन खिलाडियों को शेष टीम के साथ 12 जनवरी को न्यूजीलैंड दौरे पर भेजने का फैसला किया गया जो क्वार्टरफाइनल का अंतिम दिन था। भारत को पहला वन डे 19 जनवरी को नेपियर में खेलना है।