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चेन्नई: लिएंडर पेस 14 ग्रैंडस्लैम ट्राफियां, एक ओलंपिक पदक और एटीपी टूर में 53 खिताब से भारत के एक महान टेनिस खिलाड़ी हैं लेकिन इस अनुभवी खिलाड़ी ने खुद पर ‘महान’ का तमगा लगाने से इनकार कर दिया। इस 40 वर्षीय स्टार ने चेन्नई ओपन के मौके पर स्वंय का आकलन करते हुए कहा, ‘‘मेरी सर्विस, फारहैंड या बैकहैंड इतना अच्छा नहीं है। मैं सिर्फ अपने जोड़ीदारों के साथ अपना काम करता हूं, चाहे यह (जोड़ीदार) कोई भी हो।’’ पेस ने कहा कि उनका सपना 2014 में और ग्रैंडस्लैम ट्राफी जीतना हैं और वह इस खेल से संन्यास लेने से पहले 2016 ब्राजील ओलंपिक में भी भाग लेना चाहते हैं।

पेस ने कहा, ‘‘मैं सन्यास पर सही समय में सही लोगों से सलाह लूंगा और मैं युवा प्रतिभाओं के लिये रास्ता बना सकता हूं और साथ ही मजबूत भारतीय टीम बना सकता हूं। मुझे लगता है कि आप मेरी बातें जानने की कोशिश कर रहे हैं, जब मैं इस पर फैसला लूंगा तो मैं आपको बताउंगा।’’ पेस ने कहा कि वह भारतीय खिलाडिय़ों की रैंकिंग में आये बड़े अंतर से काफी चिंतित हैं और इसे ‘कम किया जाना’ चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिभा, तकनीक और कौशल से कहीं अधिक, हमारे खिलाडिय़ों को अपनी शारीरिक फिटनेस में बड़ा सुधार करना होगा। विदेशों में बच्चे छह फिट या इससे अधिक लंबाई के हैं। वे जिस तरह से दौड़ते और फिट रहते हैं, वह शानदार है।’’