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नई दिल्ली: चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के हाथों जूनियर हॉकी विश्व कप के नौवें स्थान के मुकाबले में मिली हार के बाद भारतीय कोच ग्रेग क्लार्क ने स्वीकार किया कि मेजबान टीम पूरे टूर्नामेंट में अपेक्षाओं का दबाव नहीं झेल सकी। क्लार्क ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह टूर्नामेंट का सबसे खराब प्रदर्शन था। फारवर्ड पंक्ति में तालमेल का अभाव था तो डिफेंस भी कमजोर रहा। हम विरोधी गोल पर हमले नहीं बोल सके। हमें फील्ड गोल करने के और मौके तलाशने चाहिए थे और पेनल्टी कार्नर भी बनाने चाहिये थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पूरे टूर्नामेंट में टीम अपेक्षाओं का दबाव नहीं झेल सकी जो चिंता का सबब है।’’ वहीं पाकिस्तानी कोच मंजूरूल हसन ने भी कहा कि भारत पर अपेक्षा का दबाव अधिक था। उन्होंने कहा, ‘‘यह मैच खास था लेकिन हमसे ज्यादा दबाव भारत पर था। दोनों टीमों ने अच्छी हाकी खेली और खेलभावना से खेली जो सबसे अहम है।’’ भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा कि इस टूर्नामेंट से खिलाडिय़ों ने बहुत कुछ सीखा और अपनी गलतियों से सबक लेेंगे। उन्होंने कहा ,‘‘मुझे नहीं लगता कि हम दबाव में थे लेकिन हमने कई मौके गंवाये और हर मैच में गंवाये। उम्मीद है कि अगली बार ये गलतियां नहीं करेंगे।’’