Sports

भारतीय टीम के 'युवराज' सिंह आज अपना 32वां जन्मदिन मना रहे हैं। युवराज विश्व कप 2011 में 'मैन आफ द टूर्नामेंट' चुने गए थे, लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही पता चला था कि उनके दोनों फेफड़ों के बीच में कैंसर है। जब यह पता लगा तो उनका करियर खतरे में दिखने लगा लेकिन उन्होंने कीमोथेरेपी के तीन चरणों से गुजरने के बावजूद कुछ महीनों बाद ही क्रिकेट में वापसी कर ली।

अमेरिका में उपचार के बाद मीडिया की आंखों का तारा बनने के बावजूद युवराज ने अपनी फिटनेस और फुर्ती हासिल करने के लिए एनसीए में जमकर पसीना बहाया। वह बेहतरीन वापसी करने में सफल रहते हैं या नहीं लेकिन सच्चाई यही है कि उन्होंने कैंसर को मात देकर वापसी की। युवराज ने जनवरी 2001 में अंडर-19 वर्ल्ड कप में देश को चैंपियन बनाया। उस टूर्नामेंट में युवराज थे मैन ऑफ द टूर्नामेंट।

इसके बाद इंतजार थोड़ा लंबा हुआ, लेकिन पहले ही वर्ल्ड टी-20 में उन्होंने जो धमाल किया वो अफसाना ही बन गया। इंग्लैंड के खिलाफ 6 गेंद में 6 छक्के और सेमीफाइनल कंगारू गेंदबाजों की क्लास।