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नई दिल्ली: पाकिस्तान के कप्तान उमर बट्टा का मानना है कि जूनियर विश्वकप हॉकी टूर्नामेंट में उनका पूल इस टूर्नामेंट का ग्रुप आफ डैथ है। बट्टा ने यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में कहा ‘टूर्नामेंट की 16 टीमों में हमारा पूल सबसे मुश्किल है। इसे अगर ग्रुप आफ डैथ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इस पूल में हमारे सिवा गत चैंपियन जर्मनी और खिताब के एक अन्य दावेदार बेल्जियम जैसी टीमें शामिल हैं।’

कप्तान ने कहा ‘पूल की चारों टीमों में क्वार्टरफाइनल में पहुंचने के लिए जबर्दस्त संघर्ष होगा। हमारी टीम खासी मजबूत टीम है जिसमें सीनियर टीम के नौ खिलाडी शामिल हैं। इससे हमें टीम में संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। हम उम्मीद कर रहे हैं कि हम विश्वकप में टॉप तीन टीमों में जगह बनाएंगे।’ गत वर्ष जूनियर एशिया कप में उपविजेता बनकर विश्वकप के लिए क्वालीफाई करने वाली पाकिस्तानी टीम के कप्तान की उम्र मात्र 20 वर्ष है। लेकिन वह 80 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं।

उन्होंने लंदन ओलंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया था और उनके अनुभव से पाकिस्तानी टीम को निश्चित ही फायदा हो सकता है। पाकिस्तानी टीम हाल में सुल्तान जोहोर कप अंडर 21 टूर्नामेंट में भारत और मलेशिया के बाद तीसरे स्थान पर रही थी। पाकिस्तानी टीम 2012 के जूनियर एशिया कप में उपविजेता रही थी।