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कानपुर: भारत और वेस्टइंडीज के कप्तान बुधवार को ग्रीनपार्क पर तीसरे और आखिरी एक दिवसीय क्रिकेट मुकाबले में टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे तो उनकी तमन्ना टॉस हारने की होगी। आकड़ों पर नजर डाले तो ग्रीनपार्क पर टॉस हारने वाली टीम का पलड़ा हमेशा से भारी रहा है। इस मैदान पर अब तक खेले गए 12 एक दिवसीय क्रिकेट मैचों में टॉस हारने वाली टीम को दस बार जीत हासिल हुई है जबकि दो में परिणाम टॉस के अनुकूल गए हैं।

 

भारतीय टीम टॉस जीतकर सिर्फ दो मुकाबलों में विजयी रही है जबकि तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा है। इसके विपरीत टॉस हारकर मेजबान टीम ने छह बार जीत का स्वाद चखा है। वेस्टइंडीज ने अब तक यहां खेले दो एक दिवसीय मुकाबलों में टॉस हार कर विरोधी खेमे को हार झेलने को मजबूर किया।

 

यहां दिलचस्प पहलू यह भी है कि दोनो मैचों में टास जीतकर विपक्षी टीम ने इंडीज को पहले बल्लेबाजी का न्यौता दिया और उसके दिए लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रही। औद्योगिक नगर के इस हरियाले मैदान की एक विशेषता यह भी है कि पहले क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम ने सात बार विजय पताका फहराई है जबकि पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को पांच बार जीत का तोहफा मिला है।