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लखनउ: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के वकील महमूद आब्दी ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के चुनाव पूर्व निर्धारित समय से पहले कराने के निर्णय को मोदी को आरसीए अध्यक्ष पद का चुनाव लडऩे से रोकने का कुत्सित प्रयास करार दिया है।

यौम-ए-आशूरा (10वीं मुहर्रम) के मौके पर लखनउ आए आब्दी ने कहा कि सात दिसम्बर को होने वाले आरसीए के चुनाव को जल्दबाजी में 23 एवं 24 नवम्बर को कराया जाना ललित मोदी को एसोसिएशन के अध्यक्ष पद का चुनाव लडऩे से रोकने की नापाक कोशिश है। इसके पीछे पूर्व केन्द्रीय मंत्री वरिष्ठ कांग्रेस नेता सी. पी. जोशी का हाथ है और इसके लिए आरसीए की प्रशासनिक मशीनरी का गलत इस्तेमाल भी किया जा रहा है। आब्दी ने इन समानान्तर चुनावों को रद्द करके उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में निर्धारित तिथि पर नये सिरे से चुनाव कराने के लिये गत 13 नवम्बर को सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की है।

उन्होंने कहा, ‘मोदी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आरसीए की गतिविधियों में शामिल होने से भले ही प्रतिबंधित कर दिया हो लेकिन आरसीए राजस्थान खेल अधिनियम 2005 के तहत संचालित किया जाता है लिहाजा बीसीसीआई के पाबंदी लगाने मात्र से मोदी आरसीए के चुनावों के अयोग्य नहीं ठहराये जा सकते।’ आब्दी ने कहा कि आरसीए की मौजूदा समिति इस तथ्य से अच्छी तरह वाकिफ है लिहाजा उसने मोदी को हर हाल में दूर रखने के लिये एसोसिएशन के चुनावों को राजस्थान की मौजूदा कांग्रेस सरकार के रहते ही कराने की साजिश की है, ताकि उनकी कथित मनमानी चल सके।