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मुंबई: क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के 200वें और आखिरी टेस्ट को यादगार बनाते हुए भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में तीसरे ही दिन एक पारी और 126 रन की महाविजय हासिल कर उन्हें महाविदाई का तोहफा दे दिया। सचिन ने इस जीत के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। बल्लेबाजी के शहंशाह ने अपने गृह नगर मुंबई में अपने परिजनों, दोस्तों, प्रशंसकों और शुभचिंतकों के सामने अपना आखिरी टेस्ट शाही अंदाज में खेलकर अपने 24 वर्ष के शानदार करियर को हमेशा के लिए विराम दे दिया।

क्रिकेट के इतिहास में सर डान ब्रैडमैन के बाद दूसरे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माने जाने वाले सचिन के विदाई टेस्ट को दुनियाभर में करोडों दर्शकों ने देखा और उनके क्रिकेट के प्रति योगदान को सराहा। प्रज्ञान ओझा मैन ऑफ द मैच रहे। ओझा ने 10 विकेट चटकाए। ओझा ने कहा यह अवार्ड सचिन पाजी को समर्पित है। रोहित शर्मा मैच ऑफ द सीरीज रहे। रोहित ने दोनों मैचों में शतक लगाया। टीम इंडिया ने कोलकाता के ईडन गार्डंस में पहला टेस्ट तीन दिन में निपटाने के बाद वानखेडे स्टेडियम में भी दूसरा टेस्ट तीन दिन में ही समाप्त कर दिया।

भारत ने दोनों टेस्ट पारी के अंतर से जीतकर सीरीज में 2-0 की क्लीन स्वीप कर ली। लेफ्ट आर्म स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने सचिन के विदाई टेस्ट में दूसरी पारी में भी करिश्माई प्रदर्शन करते हुए 49 रन पर पांच विकेट लेकर कैरेबियाई टीम को 187 रन पर घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया। पहली पारी में पांच विकेट लेने वाले ओझा ने दूसरी पारी में अपनी उंगलियों के कमाल से 18 ओवरों में 49 रन पर पांच विकेट लेकर मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए।

भारत ने पहली पारी में वेस्टइंडीज को 182 रन पर आलआउट करने के बाद चेतेश्वर पुजारा (113), सचिन तेंदुलकर (74) और रोहित शर्मा (नाबाद 111) की शानदार पारियों से 495 रन बनाकर पहली पारी में 313 रन की विशाल बढत हासिल की थी। कैरेबियाई टीम मैच के दूसरे दिन ही अपने तीन विकेट 43 रन पर गंवा कर हार के संकट में फंस गई थी। तीसरे ही दिन यही देखना बाकी रह गया था कि वेस्टइंडीज अपनी हार को कितनी देर खींच पाती है। भारतीय स्पिनरों ने कैरेबियाई बल्लेबाजों के इर्द-गिर्द स्पिन का ऐसा जाल बुना कि वे एक के बाद एक अपने विकेट गंवाते चले गए।